सोनीपत। कुंडली थाना पुलिस ने सहपाठियों की तस्वीरें अश्लील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में 12वीं कक्षा की तीन छात्राओं को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने आरोपी दो नाबालिग छात्राओं को बाल सुधार गृह तो बालिग को जेल भेज दिया है।
कुंडली थाना क्षेत्र के एक गांव के युवक ने 16 सितंबर को इसकी एफआईआर लिखाई थी। कहा था, मेरी बहन एक निजी स्कूल में 12वीं की छात्रा है। बहन व उसकी तीन सहेलियों के फोटो एडिट करके उन्हें 14 सितंबर की रात सोशल मीडिया में वायरल किया गया है।
साइबर सेल की तकनीकी जांच और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को पीड़ित छात्राओं की तीन सहपाठियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो नाबालिग हैं, जिन्हें कोर्ट ने बाल सुधार गृह भेजा है। बालिग को जेल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान उजागर नहीं की है।
ईर्ष्या और बदले की भावना में उठाया कदम
पुलिस के मुताबिक, जांच में पता लगा है कि आरोपी छात्राओं को अपनी सहपाठियों से ईर्ष्या थी। इसी कारण उन्होंने सामान्य तस्वीरों को एडिट करके आपत्तिजनक बनाया और सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इनके कृत्य से पीड़ित छात्राओं को मानसिक आघात और सामाजिक अपमान झेलना पड़ा।
नाबालिग छात्राओं की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट के निर्देश पर अभिरक्षा में भेजा गया है। मेरी अभिभावकों और शिक्षकों से अपील है कि वे बच्चों को इंटरनेट के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करें।
- सेठी मलिक, थाना प्रभारी कुंडली
समाज के लिए गंभीर चेतावनी है यह घटना
इलाके की सुर्खियां बने इस प्रकरण को समाजशास्त्री सुरेंद्र सिंह एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखते हैं। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर की गई दुर्भावनापूर्ण हरकत किसी के भी जीवन को गहरा आघात देती है। ऐसा करने वालों को कानूनी सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। सभी लोगों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष फोकस रखना चाहिए। खासकर जब वे इंटरनेट का उपयोग कर रहे हों। जागरूकता से ही ऐसी चीजें घटाई जा सकती हैं।