जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण जिस तेजी से फैला था, उसी तेजी से अब संक्रमण कम हो रहा है। लेकिन, उसके बावजूद मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। जिले में बुधवार को तीन बुजुर्ग महिलाओं की कोरोना से मौत हो गई। संक्रमित दर काफी नीचे पहुंच गई है तो रिकवरी रेट बेहतर हुआ है। बुधवार को 38 नए कोरोना केस मिले।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में बुधवार को 38 नए कोरोना केस मिले हैं। इससे पहले 26 मार्च को कोरोना के 39 मरीज मिले थे। यहां कोरोना पॉजिटिव की संख्या 47141 तक पहुंच गई है। बुधवार को कोरोना संक्रमित से ज्यादा 79 मरीजों के ठीक होने पर छुट्टी मिल गई है। इस तरह अभी तक 46477 मरीज ठीक हो चुके हैं और 421 का इलाज चल रहा है। हालात यह है कि जितनी जांच की गई है, उनमें 1.88 प्रतिशत संक्रमित मिले है। जिससे जिले में रिकवरी रेट 99.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। बुधवार को फैज बाजार की 64 वर्षीय महिला, रिंढाना की 83 वर्षीय महिला व जाहरी की 70 वर्षीय महिला की मौत हुई है। जिले में अब तक कोरोना से 243 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। जिससे मृत्यु दर 0.51 प्रतिशत है। लोगों के स्वास्थ्य सुधार के लिए कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों को अस्पताल में इलाज मुहैया कराने के साथ-साथ होम आइसोलेशन में भी रखा जा रहा है।
कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाना व सामाजिक दूरी जरूरी
डीसी श्यामलाल पूनिया ने कहा कि जिले में लगातार कोरोना के केस मिल रहे है। ऐसे में लोगों को खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क करके जांच करानी चाहिए। इसके अलावा लक्षण वाले मरीज मास्क का उपयोग करें और लोगों से छह फीट की दूरी बनाए रखें। कोरोना महामारी को देखते हुए अभी भी सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है। लापरवाही बरतने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। कोरोना नियमों की पालना करें। मास्क लगाकर रखे तो सामाजिक दूरी बनाकर रखे। यदि अपने आसपास कोई कोरोना संदिग्ध दिखे तो उसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर-1950 पर दी जा सकती है। डीसी ने बताया कि जिले में कोविड टेस्टिंग की रफ्तार को बढ़ाया गया है। जिले में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक लोगों की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे है। सभी गांवों में भी कोविड टेस्टिंग के लिए स्वास्थ्य टीमें लगी हुई हैं।
कोविड अस्पतालों में आईसीयू बेड खाली नहीं
सरकार की ओर से अधिकृत किए कोविड अस्पतालों में एक भी आईसीयू बेड खाली नहीं है। इन अस्पताल में कुछ 50 आईसीयू बेड है। जिस पर कोरोना के मरीज भर्ती है। जबकि सामान्य बेड, ऑक्सीजन बेड व वेंटिलेटर काफी संख्या में खाली पड़े हैं।