मांगों को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारी। स्त्रोत: संगठन
बावल। संयुक्त साझा मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार से बावल में तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता दुलीचंद और बलदेव फोरमैन ने की। धरने में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया।
कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। यह धरना तीन दिनों तक प्रतिदिन दो घंटे के लिए आयोजित किया जाएगा। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया। तो आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी।
कर्मचारियों ने ऑनलाइन नीति को तत्काल रद्द करने की मांग की है। उन्होंने नकदी रहित सुविधा लागू करने की भी बात कही। विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की मांग भी उठाई गई।
जोखिम भत्ता देने और कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की भी मांग की गई। धरने में ओके भारद्वाज, अमरजीत फोरमैन, सुधीर कुमार, संजीव कुमार, अरुण कुमार और देवेंद्र कुमार सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद