सोनीपत। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तरफ से चालू शैक्षणिक सत्र में नौवीं व 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम नए मानदंड के अनुसार जारी किया जाएगा। इसके तहत अब विद्यार्थियों को लिखित व प्रायोगिक परीक्षा में अलग-अलग 33-33 फीसदी अंक लेने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। बल्कि लिखित, प्रायोगिक व आंतरिक मूल्यांकन को मिलाकर 33 फीसदी अंक प्राप्त करने पर विद्यार्थी को उत्तीर्ण माना जाएगा।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय की तरफ से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर इस संबंध में निर्देश दिए हैं। हरियाणा बोर्ड से संबंधित विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2023-24 में नौवीं व 10वीं कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम नए मानदंड के अनुसार जारी किया जाना है। इसके तहत विद्यार्थी को किसी भी विषय की लिखित, प्रायोगिक परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन के सभी भागों के मिलाकर 33 फीसदी अंक लेने होंगे। ऐसे विद्यार्थी का संबंधित विषय का परिणाम उत्तीर्ण माना जाएगा। अब तक विद्यार्थी को संबंधित विषय में लिखित व प्रायोगिक भागों में अलग-अलग 33 फीसदी अंक लेने होते थे। इस नियम में अब बदलाव किया गया है। इसके अतिरिक्त अगर कोई विद्यार्थी किसी विषय के प्रायोगिक भाग में अनुपस्थित रहता है तो संबंधित भाग में शून्य अंक माने जाएंगे। उसी के आधार पर विद्यार्थी का परिणाम जारी किया जाएगा।
अयोग्य के स्थान पर आएगा आवश्यक दोहराव
नए नियमों के अनुसार यदि कोई विद्यार्थी दो से अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण रह जाता है तो उसके परीक्षा परिणाम में अब अयोग्य (नोट क्वालिफाइड) नहीं लिखा जाएगा। इसके स्थान पर आवश्यक दोहराव (एसेंशियल रिपीट) लिखा जाएगा, जिससे विद्यार्थी की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है, अन्य अन्य शर्तें एवं मानदंड पहले के समान रहेंगे।
वर्जन
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने परीक्षा परिणाम में उत्तीर्ण होने के नए मानदंड तय किए हैं। इसके तहत विद्यार्थी को उत्तीर्ण होने के लिए लिखित व प्रायोगिक में मिलाकर 33 फीसदी अंक लेने होंगे। पहले लिखित व प्रायोगिक में अलग-अलग 33 फीसदी अंक लेने होते थे। नए नियमों से विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा और परीक्षा परिणाम भी सुधरेगा।-नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत