कुख्यात बदमाश अमन भैंसवाल आखिर पकड़ा गया। वह अमर भाऊ गैंग के लिए काम करता था। गैंग कारोबारियों के लिए दहशत का पर्याय और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। अमन मातूराम हलवाई की दुकान पर फायरिंग कर दो करोड़ की रंगदारी मांग चुका है।
मातूराम हलवाई की दुकान सदर और महिला थाने के पास है। सिटी थाना और डीसीपी ऑफिस भी करीब आधा किलोमीटर दूर हैं। बावजूद इसके यहां साढ़े छह साल में बदमाशों ने तीन वारदात को अंजाम दिया है। हर बार रंगदारी की रकम दोगुनी होती चली गई। पुलिस अब तक 20 से ज्यादा बदमाशों को पकड़ चुकी है। वहीं, अमेरिका भागे अमन को अब हरियाणा एसटीएफ ने दिल्ली से पकड़ा है।
मातूराम हलवाई की दुकान पर पहली वारदात 13 जुलाई 2017 को अंजाम दी गई थी। मातूराम हलवाई और पास की एक दुकान पर गोलियां चलाई गई थीं। दोनों व्यापारियों से 50-50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। उस समय पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया तो एक बार मामला निपट गया था।
इसके बाद 2019 में मातूराम की जलेबियों के नाम से दुकान चला रहे हलवाई के यहां फायरिंग करके एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई। पुलिस ने नवीन, अमित और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर मामला सुलझा लिया था। नवीन पर 2019 में फायरिंग का एक और केस दर्ज किया गया था। काले रंग की स्कॉर्पियो और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी।
तीन गैंग के नाम लिखे फेंकी थी पर्ची
मातूराम हलवाई की दुकान पर तीसरी वारदात 21 जनवरी 2024 को हुई। आम दिनों की तरह हलवाई जलेबी व अन्य मिठाइयां बना रहे थे। बाइक पर पहुंचे तीन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। दुकान पर आए माहरा गांव के बिजेंद्र नामक दूधिये को गोली लग गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो दुकान मालिक नीरज ने एक पर्ची सौंपी जिसमें भाऊ गैंग, काला खुरमपुर गैंग और नीरज फरीदपुर गैंग ने दो करोड़ की रंगदारी मांगी थी। मौके से गोलियों के 30 से ज्यादा खोल बरामद हुए थे।
मामले को लेकर पुलिस की आठ टीमें जब कुछ नहीं कर सकीं तो स्पेशल टास्क फोर्स की सोनीपत यूनिट ने एक के बाद एक 20 से ज्यादा आरोपियों को पकड़ा था। इनमें 23 फरवरी 2024 को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार भाऊ गैंग, काला खुरमपुर गैंग और नीरज फरीदपुर गैंग के तीन बदमाश मोहित (मुख्य शूटर), रमन और हैप्पी भी शामिल थे।
मई 2025 में एसटीएफ ने 7 जून 2024 को जारी फर्जी पासपोर्ट के आधार पर भैंसवाल निवासी अमित को पकड़ा था। 2022 में हत्या की कोशिश में नामजद आरोपी ने मूल पता छिपाकर खुद को दिल्ली के मयूर विहार के फेज-3 के गांव दल्लूपुरा का अंकित पुत्र दीपक और मां का नाम कमला दिखाकर पासपोर्ट बनवाया था।
दिल्ली के दल्लूपुरा के पते पर बनवाया था फर्जी पासपोर्ट
हत्या और रंगदारी समेत आधा दर्जन मामलों में नामजद भैंसवाल निवासी अमन पर हरियाणा के अलावा पंजाब और दिल्ली में संगीन धाराओं में कई केस दर्ज हैं। दो साल पहले उसने गोहाना में मातूराम हलवाई की दुकान पर फायरिंग करके 2 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। 6 मई 2024 को उसने दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 स्थित दल्लूपुरा के पते पर जारी फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका भाग गया था। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद अमेरिकी एजेंसी ने अमन को पकड़कर डिपोर्ट कर दिया। बुधवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जैसे ही वह उतरा उसे हरियाणा एसटीएफ ने दबोच लिया।