गांव खानपुर कलां में स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को सुपरवाइजर सरिता को सांप ने काट लिया, लेकिन मेडिकल में इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। खुलासा हुआ कि महिला मेडिकल में सांप के काटने के बाद दिया जाने वाला एएसवी इंजेक्शन ही नहीं था। यह हाल देश के पहले महिला मेडिकल कॉलेज का है, तो सिविल अस्पतालों में स्थिति क्या होगी यह किसी से छिपा नहीं है।
सांप के काटने के इलाज के लिए सुविधा होने के दावे तो स्वास्थ्य अधिकारी कर रहे हैं, पर असल में स्थिति यह है कि खुद अधिकारियों को नहीं पता कि कितने इंजेक्शन हमारे पास है। दो बजे के बाद तो अस्पताल में इस प्रकार की जानकारी देने वाला ही कोई नहीं होता।
बारिश के मौसम में सर्पदंश के केस एकाएक बढ़ जाते हैं, लेकिन चिकित्सा विभाग के पास इसके जहर को काटने के लिए पर्याप्त दवा तक उपलब्ध नहीं हैं। दवा है भी तो इसकी भनक अधिकारी आमजन को नहीं लगने दे रहे हैं।
गत गुरुवार रात कॉलेज खानपुर में महिला सुपरवाइजर को सांप ने काट लिया। इलाज नहीं मिलने से उसकी रात को ही मौत हो गई। उसे कॉलेज से गोहाना के सिविल अस्पताल और बाद में पीजीआई तक ले जाया गया, लेकिन डाक्टर उसे बचा नहीं पाए। इससे भी बुरे हाल ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। शीघ्र कटने वाली धान की फसल में सांप और ज्यादा होते हैं।
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10 इंजेक्शन की जरूरत
सांप के काटने पर एक व्यक्ति के दस या इससे अधिक इंजेक्शन तक लगते हैं। ये मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। सांप द्वारा मरीज के शरीर में छोड़े गए जहर की मात्रा और मरीज के अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाले समय पर भी इंजेक्शन या दवा की मात्रा निर्भर करती है। चिकित्सकों के अनुसार सामान्य तौर पर एक मरीज के कम से कम दस इंजेक्शन तो लगाने ही होते हैं। जहर की मात्रा या फिर समय अधिक बीत जाने पर ये संख्या तीस-चालीस तक भी पहुंच सकती है।
खेतों की ओर लौट रहे किसान
बारिश के मौसम के कारण किसानों ने खेतों की ओर रुख कर लिया है। खेतों में निराई-गुड़ाई के कारण भी अधिक मात्रा में सांप निकल रहे हैं। ऐसे में सर्पदंश की संख्या भी बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक कई लोग सर्पदंश का शिकार हो चुके हैं।
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गोहाना में बढ़े केस
गांव खानपुर कलां में स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में एक सप्ताह पहले एएसवी का इंजेक्शन नहीं था और वहीं से एक मरीज सरिता को गोहाना के सरकारी अस्पताल में रेफर किया गया था जिसको बाद में रोहतक रेफर किया गया। उसकी मौत हो गई। गोहाना के सरकारी अस्पताल में सांप के काटने से तीन मरीज आ चुके हैं। एक सप्ताह में ही दो केस सामने आए हैं।
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अधिकारियों के पास जवाब नहीं
सांप के काटने के बाद पीड़ित को एएसवी इंजेक्शन लगाना पड़ता है। सिविल अस्पताल सोनीपत में चिकित्सा अधिकारी यह तो दावा कर रहे हैं कि उनके पास इंजेक्शन हैं, लेकिन कितने हैं, इसका जवाब उनके पास नहीं है। सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीपी अरोड़ा ने कहा कि इंजेक्शन हैं, लेकिन कितने बता नहीं सकते। स्टोर इंचार्ज जा चुके हैं। स्टाफ नर्स, जिसके पास स्टॉक था, वो भी ताला बंद करे घर जा चुकी थी।
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गोहाना सरकारी अस्पताल के एसएमओ डॉ. कर्मवीर ने बताया कि अस्पताल में इंजेक्शन है। पिछले 6 महीनों में 3 केस सांप काटने के अस्पताल में आए हैं। जिनको इंजेक्शन लगाने के बाद रेफर कर दिया गया। एक सप्ताह पहले भी गांव खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज से एक सांप के काटने का केस आया था। जिसको इंजेक्शन लगाने के बाद रेफर किया गया।