संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। समाधान शिविर में पहुंचने वाले लोगों की ज्यादातर समस्याएं परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जुड़ी हुई हैं। उनका कोई समाधान भी नहीं हो रहा है। किसी के पीपीपी में वाहन तो किसी में बिजली मीटर जोड़ दिया गया है।
सोमवार को एसडीएम अमित कुमार के नेतृत्व में लगाए गए समाधान शिविर में बुजुर्ग ने पीपीपी में दर्ज की गई ढाई एकड़ जमीन हटाने की मांग की। एसडीएम ने संबंधित स्टाफ से पूछा कि यह जुड़ा कैसे? लेकिन महिला कर्मी ने स्पष्ट कर दिया कि यही तो नहीं पता, कहां से डेटा उठाकर कौन जोड़ रहा है। हमारे पास इसकी जानकारी ही नहीं होती। यह सुनकर एसडीएम ने रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए।
इसी बीच बीडीपीओ कार्यालय से रिकॉर्ड लेकर पहुंचे सहायक कृष्ण से एसडीएम अमित कुमार ने पूछा कि बीडीपीओ शिविर में क्यों नहीं आए जवाब मिला कि मुझे तो रिकॉर्ड देने का आदेश हुआ है। एसडीएम ने पूछा फिर आपके विभाग से यहां कौन आया है। ग्राम सचिव के उठते ही एसडीएम बोले आप पंचायती राज की किसी समस्या का हल कर सकते हैं?
समाधान शिविर कोई मजाक नहीं है। यहां पर जिम्मेदार अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए। इसी बीच गोरड़ के बुजुर्ग रणबीर ने उनकी जमीन से किसी ओर से रास्ता बना लेने पर कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने तहसीलदार को जांच के आदेश दिए। इस पर उन्होंने तत्काल पटवारी को बुलाकर जमीन का रिकॉर्ड मंगवाया।
बरोणा के एक व्यक्ति ने गली निर्माण पर सवाल उठाया। उसने कहा कि एक व्यक्ति ने अपना सेफ्टी टैंक गली में ऊंचा उठाकर बना दिया है। अब वह सिफारिश से गली को भी ऊंचा उठवा रहा है। इससे अन्य लोगों के घर नाले से भी नीचे हो गए हैं। एसडीएम ने पंचायती राज के अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए।
एसीपी जोगिंद्र शर्मा, तहसीलदार बिजेंद्र नांदल, नायब तहसीलदार अचिन कुमार, एसडीओ नीरज आदि शिविर में मौजूद रहे।