केजीपी गोल चक्कर पर कैंटर चालक की हत्या के मामले में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने पुलिस के सामने किसी से रंजिश नहीं होने की बात कही है। जिसके बाद हत्या की गुत्थी उलझ गई है। पप्पू यादव की हत्या गोली मारकर की गई थी। वह कैंटर में गोरखपुर से दाल लेकर घरौंडा आए थे। वहां से लौटने के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। परिजनों ने सोनीपत में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस को केजीपी गोल चक्कर पर बुधवार रात करीब ढाई बजे जाम की सूचना मिली थी। थाना प्रभारी विवेक मलिक ने मौके पर जाकर जांच की तो वहां कैंटर के अंदर शव मिला था। जिसकी पहचान यूपी के जिला आजमगढ़ के गांव गंगेपुर निवासी पप्पू यादव के रूप में हुई थी। मामले का पता लगने पर शुक्रवार दोपहर को उसके परिजन और रिश्तेदार राई थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वह शव को अपने साथ ले जाने की स्थिति में नहीं थे। अपने रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ उन्होंने बातचीत के बाद शव का अंतिम संस्कार सेक्टर-15 के शमशान घाट में कर दिया।
खुद का कैंटर चलाता था पप्पू
पुलिस का मानना था कि परिजनों के आने पर हत्यारों के बारे में कोई सुराग लग सकेगा। लेकिन उन्होंने किसी से रंजिश नहीं होने की बात कही। पप्पू का अपना कैंटर था और वह अकेला रहता था। ऐसे में वह सस्ते किराए में सामान ले जाता था। इसको लेकर कुछ ट्रांसपोर्टर से एक-दो बार कहासुनी हुई थी, लेकिन यह ऐसा नहीं है कि कोई रंजिश रखने लगे।
10 माह पहले लिया कैंटर, अकेला कमाने वाला था
पप्पू यादव के परिजनों ने बताया कि वह घर में अकेला कमाने वाला था। उसने बैंक से लोन लेकर 10 माह पहले कैंटर लिया था। इसमें वह गोरखपुर से सामान लेकर अक्सर पानीपत, सोनीपत, अमृतसर और लुधियाना क्षेत्र में आता था। वह चार दिन पहले गोरखपुर से दाल भरकर घरौंडा आया था। यहां पर दाल उतारने के बाद लौट रहा था। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई। उसके घर में पत्नी सुनीता, सात व पांच साल के दो बेटे व तीन साल की बेटी के साथ ही बुजुर्ग माता-पिता व 15 साल का भाई है।
पत्नी, मां व बच्चे नहीं कर सके अंतिम दर्शन
शव लेने पहुंचे पप्पू यादव के रिश्तेदार अनिल यादव ने बताया कि घर पर हत्या की जानकारी मिलने पर पप्पू यादव की पत्नी सुनीता और मां दुर्गा देवी साथ आने की जिद कर रही थी। तब उनको समझा दिया था कि शव को हम साथ लेकर आएंगे। पप्पू यादव के कैंटर में शव लेकर जाने की सोचकर आए थे। कैंटर यहां पर केस प्रापर्टी बन गया। अन्य वाहन 20000 रुपये किराया मांग रहे थे। जिस पर पप्पू यादव के पिता जयनाथ यादव ने घर पर उसकी पत्नी और मां से बातचीत कर यहीं पर अंतिम संस्कार करने की बात कही। जिसके बाद यहां अंतिम संस्कार किया गया है।
कैंटर चालक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत होने की पुष्टि हुई है। मामले की जांच के लिए तीन टीम बनाई गई है। मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। जल्द मामले का पटाक्षेप किया जाएगा।
- विवेक कुमार मलिक, थाना प्रभारी, राई।