रोहतक-गोहाना रोड पर टोल प्लाजा से बचने के लिए मकड़ौली गांव के अंदर से कार निकालना महंगा पड़ा। गांव के पास मानव रहित फाटक पर पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से कार के परखचे उड़ गए। कार सवार एक व्यक्ति की जहां मौके पर मौत हो गई, जबकि दो घायलों को पीजीआई में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। पैसेंजर ट्रेन रोहतक से पानीपत जा रही थी।
सोमवार सुबह गोहाना के बरोदा निवासी जसबीर (45) अपने भतीजे प्रतीक (23) और गांव के ही एक व्यक्ति नरेश (37) के साथ गोहाना से रोहतक अपनी रिट्ज कार नंबर एचआर-11एफ-5353 में आ रहा था। ठीक सवा दस बजे मकड़ौली टोल प्लाजा से बचने के लिए सीधे गांव के बीच से होते हुए रेलवे लाइन के पास मानव रहित फाटक पर पहुंचा तो रोहतक से पानीपत जा रही पैसेंजर ट्रेन आ गई।
एकाएक कार ट्रेन की चपेट में आ गई और ट्रैक के कोने पर लगे लोहे के पिलर और ट्रेन के बीच फंस गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार फंसने के बाद ट्रेन के डिब्बों से टकराती रही और उसके परखचे उड़ गए।
ट्रेन के चालक ने इमरजेंसी ब्रेक भी लगाए, लेकिन तब तक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। हादसे में कार चालक जसबीर की मौके पर ही मौत हो गई। प्रतीक और नरेश गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को पीजीआई इमरजेंसी में भर्ती कराया। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
रेलवे के एईएन सुभाष, आरपीएफ इंस्पेक्टर कंवर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। जीआरपी को मामले की जानकारी दी। सवा घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची जीआरपी ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भिजवा दिया। गाड़ी हादसे के 20 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही
बेटे का रो-रोकर बुरा हाल
बरोदा के सरपंच रमेश कुमार और ग्रामीणों के साथ जसबीर का बेटा सन्नी और परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव पड़ा देखा तो वे बुरी तरह बिलख उठा। सन्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। लोगों ने किसी तरह उसे गाड़ी में बैठाया और वहां से ले गए।