सोनीपत। फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने का आरोपी जिला पशुपालन विभाग के तत्कालीन उपनिदेशक के कागजात खुर्द-बुर्द करने के आरोपी हरियाणा कृषि विवि (एचएयू) के तत्कालीन क्लर्क प्रवीण कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
पशुपालन विभाग की महिला चिकित्सक डॉ. रितू ने एडीजीपी सीआईडी को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि उनके विभाग के उप निदेशक डॉ. जसवंत सिंह ने सामान्य श्रेणी से होते हुए अनुसूचित जाति जनजाति का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर बीवीएससी एएच (पशु चिकित्सक) की डिग्री हासिल की है। उसी डिग्री के आधार पर उन्होंने हरियाणा सरकार में नौकरी पाई है। साथ उन्होंने मामले में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के तत्कालीन रजिस्ट्रार की भूमिका की भी जांच की मांग की थी। डॉ. रितू ने आरोप लगाया था कि डॉ. जसवंत सिंह ने सामान्य जाति से होते हुए धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाया था। जिस पर सीआईडी व सीएम फ्लाइंग ने जांच कर मुकदमा दर्ज करने के लिए सिटी थाना पुलिस को भेज दिया था। जिसके बाद 28 जनवरी को पुलिस ने मामले में डॉ. जसवंत के खिलाफ भादसं की धारा 120बी, 201, 420, 467, 468 व 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने आरोपी डॉ. जसवंत दहिया को गिरफ्तार कर लिया था। अब मामले पुलिस ने एसआई सुरेंद्र की टीम ने तत्कालीन क्लर्क प्रवीण कुमार को गिरफ्तार किया। आरोप है कि प्रवीण कुमार ने डॉ. जसवंत की फाइल को खुर्द-बुर्द कर दिया है। पुलिस ने उन्हें षड्यंत्र के आरोप में काबू किया। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां उन्होंने बीमारी का हवाला देते हुए जांच में सहयोग का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्हें अदालत से जमानत मिल गई।