फोटो 26: सोनीपत के गांव लिवासपुर में शहीद उदमीराम गेट के सुंदरीकरण कार्य के शुभारंभ पर बुजुर्ग
सोनीपत। मेयर राजीव जैन व पार्षद मुनीराम ठोलेदार ने बुजुर्ग से नारियल तुड़वाकर शहीद उदमी राम गेट के सुंदरीकरण की शुरुआत की। 12 लाख रुपये से होने वाले सुंदरीकरण के लिए गेट पर धौलपुर पत्थर व लाइट लगाई जाएंगी।
मेयर राजीव जैन ने बताया कि बलिदानी उदमी राम ने सबसे पहले अंग्रेजों को लगान देने से मना किया था। जब लगान वसूलने के लिए तीन अंग्रेज अधिकारी बहालगढ़ पहुंचे तो उदमीराम नंबरदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों अंग्रेजों की हत्या कर दी थी। अंग्रेजों ने उदमी राम एवं उसके साथियों की हत्या कर इस गांव को उजाड़ दिया था।
मेयर ने बताया कि लिवासपुर के 22 युवकों की मौत का गवाह वह खूनी कोल्हू आज भी देवीलाल पार्क में रखा हुआ है। इस कोल्हू को देखने के लिए देश भर से पर्यटक यहां आते हैं। सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौर के ऐसे असंख्य महान क्रांतिकारी, देशभक्त, बलिदानी रहे जो इतिहास के पन्नों में या तो दर्ज ही नहीं हो पाए या फिर सिर्फ आंशिक तौर पर ही उनका उल्लेख हो पाया।
ऐसा ही एक उदाहरण हरियाणा में सोनीपत जिले के गांव लिबासपुर के महान क्रांतिकारी उदमी राम का है। ये वही उदमी राम हैं जो 1857 में अपने गांव के नंबरदार थे और देशभक्ति रग-रग में भरी हुई थी। इस दौरान लछमन सिंह, मास्टर बिजेंद्र सिंह, सिद्धू प्रधान, दीपक सरोहा, सुरेंद्र सरोहा, संदीप कुमार, प्रिंस मौजूद रहे।