सोनीपत। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को अशुभ माना जाता है। इस वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को रात 9:58 से शुरू होकर 1:26 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण मेष राशि वाले जातकों के लिए लाभदायक रहेगा। इन्हें व्यापार व नौकरी में आर्थिक लाभ मिलने के योग रहेंगे। साथ ही ग्रहण स्वास्थ्य के लिए थोड़ा प्रभावी रह सकता है।
पंडित अमित शौनक ने बताया कि चंद्र ग्रहण के साथ सूतक काल भी रहेगा। इसकी शुरुआत दोपहर 12:58 से शुरू होकर ग्रहण के संपन्न होने तक रहेगी। कुंभ राशि व पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में लगने वाले चंद्र ग्रहण के देशभर में दिखाई देने से प्रभाव ज्यादा रहेगा।
व्यक्तित्व व मानसिक संतुलन पर प्रभाव के चलते ग्रहण का समय पूजा-पाठ व जाप के लिए शुभ नहीं रहेगा। वहीं ग्रहण शनि साढ़े साती से पीड़ित राशियों के लिए लाभकारी रहेगा। इनमें मेष राशि के लिए शुभ, मीन राशि के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार, कुंभ राशि के लिए पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जा रहा है।
यह कार्य न करें
सूतक काल लगने पर पूजा-पाठ, जाप, भोजन न करें। ग्रहण लगने से पहले ही भोजन करना चाहिए। वहीं, ग्रहण में तुलसी तोड़ना भी वर्जित है। इससे जीवन में नकारात्मकता आती है। इनके अलावा भगवान की मूर्ति को न छूएं, खाना बनाने व सोने से परहेज करें। धारदार कैंची, चाकू, सुई का प्रयोग न करें। ग्रहण संबंधी संसाधनों के बिना चंद्र ग्रहण को न देखें। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं के बाहर निकलने से बच्चे पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
चंद्र ग्रहण के बाद यह करें उपाय
चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पूर्व लगने वाले सूतक काल में भगवान का जाप करने के साथ ऊं नमो भगवते वासुदेवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा देने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। ग्रहण समाप्ति पर घर में गंगाजल का छिड़काव अवश्य करें। स्नान करके भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी की उपासना करें। इसके बाद भोजन ग्रहण करें।