अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान विधायक पवन खरखौदा, साथ हैं बबीता दहिया व सुरेश दहिया। स
खरखौदा। विधायक पवन ने अपने कार्यालय में मनरेगा योजना में किए गए अहम बदलावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब मनरेगा को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के नाम से जाना जाएगा। इससे योजना का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
विधायक ने कहा कि नाम परिवर्तन केवल औपचारिक नहीं है बल्कि योजना के स्वरूप में भी जरूरी सुधार किए गए हैं। इन बदलावों का सीधा लाभ ग्रामीण मजदूरों को मिलेगा। मजदूरों को समय पर काम, पारदर्शी भुगतान और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत तकनीक का अधिक उपयोग किया जाएगा जिससे फर्जी जॉब कार्ड, बिना काम भुगतान और अन्य प्रकार के भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा। काम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, जियो टैगिंग और सीधे बैंक खातों में भुगतान से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
विधायक ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन का उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा करना है। इससे गांवों में पलायन भी रुकेगा और स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलेगी।
विधायक ने अधिकारियों को योजना को गंभीरता से लागू करने के निर्देश देते कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस नई व्यवस्था से ग्रामीण मजदूरों का भरोसा व्यवस्था पर और मजबूत होगा।