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Sonipat News: यमुना में छोड़ा पानी तो ग्रामीणों की बढ़ी बेचैनी

Sun, 23 Jul 2023 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 46: सोनीपत के गांव मुकीनपुर व बसौदी के किसान रोष प्रकट करते हुए।
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सोनीपत। पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के बाद एक बार फिर हथिनीकुंड बैराज से यमुना में ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे पहले बाढ़ से प्रभावित हो चुके 25 गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। क्योंकि यमुना के रौद्र रूप के कारण उनकी फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीणों के साथ ही प्रशासन व सरकार की चिंता बढ़ गई है। एक बार फिर यमुना क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
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यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद अब तक किसानों की अनुमानित 10 हजार एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद हो चुकी हैं। गन्ना की फसल की छोड़ दिया जाए तो सभी फसलें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। यही नहीं, कटाव के कारण खेत, सड़क बह चुके हैं। सरकार के आंकड़ों पर नजर डालें तो यमुना क्षेत्र के 25 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पशुचारा से लेकर खाद्यान्न तक की किल्लत क्षेत्र में बनी हुई है। अब यह समस्या फिर से बढ़ सकती है। शनिवार को एक बार फिर करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है, जो रविवार को दोपहर बाद तक सोनीपत क्षेत्र में पहुंच जाएगा। ऐसे में प्रशासन ने एक बार फिर प्रबंधों पर जोर दे दिया है। आबादी या पशुओं को यमुना के आसपास ले जाने पर पाबंदी को बरकरार रखा गया है। यमुना के आसपास के गांवों में मुनादी कराकर यमुना क्षेत्र से दूर रहने के लिए कहा गया है। जरूरत पड़ी तो एक बार फिर से आसपास के गांव खाली करवाए जा सकते हैं। किसानों को जो राहत सप्ताहभर में मिलने की उम्मीद थी, वह अब 15 दिन के बाद ही मिल सकेगी। यमुना नदी में भी अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया था। 10 जुलाई तो हथिनीकुंड बैराज से करीब साढ़े 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जोकि एक दिन बाद सोनीपत क्षेत्र में पहुंच गया था और इससे आसपास के करीब 25 गांवों के खेतों में जलभराव हो गया था।

यमुना क्षेत्र में जाने पर पाबंदी, फिर से करवाई मुनादी

प्रशासन ने फिलहाल यमुना क्षेत्र में जाने पर पाबंदी को बरकरार रखा है। पुलिस, पटवारी व आपदा प्रबंधन के कर्मचारियों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। पंपसेट तैयार रखने को कहा गया है। आबादी व पशुओं को यमुना क्षेत्र से दूर रखने को कहा गया है। साथ ही आसपास के गांवों में मुनादी भी करवाई गई है। तलहटी की काफी फसल जलमग्न हो चुकी है। ऐसे में किसानों को भी मौके पर जाने से रोका गया है।
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खनन के कारण हुआ कटाव, बसौदी व मुकीनपुर के ग्रामीणों की फसल बही

यमुना के उफान से ही नहीं खनन के कारण भी किसानों को नुकसान हो रहा है। मुरथल ब्लॉक के गांव बसौदी और मुकीनपुर के 50 से अधिक किसानों की फसल केवल इसीलिए बह गई। इस क्षेत्र में अवैध खनन के कारण करीब 70 फीट तक मिट्टी व रेत उठा लिया गया था। अब कटाव के कारण फसल बह रही है। खास बात यह है कि किसानों इसकी शिकायत 11 जुलाई को डीसी को दी थी लेकिन इन किसानों को कोई राहत फिलहाल नहीं दी गई है। किसान सुरेंद्र, नाहर सिंह, धर्मेंद्र, कुलदीप, जगदीश, अजीत, रणबीर, जितेंद्र, सुभाष, राजवीर आदि ने बताया कि उनके गांवों में करीब 5 एकड़ में 35 फीट तक खुदाई की जा चुकी थी, जिसके कारण अब बारिश में भी कटाव हो रहा है। भाकियू के पदाधिकारी वीरेंद्र पहल ने बताया कि किसानों के बार-बार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों की फसल तक बहकर जा रही है। ऐसे में किसान फसल व खेत को बचाने के लिए कुछ नहीं कर पा रहे है। जिससे किसान मायूस है। प्रशासन से अपील करते है कि वह मुख्यमंत्री के सामने किसानों की समस्या रखकर इनका समाधान कराया जाए। अगर समस्या पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो किसान यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होगी।



हथिनी कुंड बैराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी 48 घंटे तक सोनीपत में पहुंचेगा। हालांकि, इससे ज्यादा खतरा नहीं है, फिर भी एहतियातन राहत बचाव के प्रबंध किए जा रहे हैं। पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। -हरिओम अत्री, डीआरओ, सोनीपत

फोटो 46: सोनीपत के गांव मुकीनपुर व बसौदी के किसान रोष प्रकट करते हुए।

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