फोटो 26- सोनीपत के सेक्टर-14 स्थित जिला शिक्षा विभाग का कार्यालय। संवाद
सोनीपत। जिलाभर के सात विभिन्न राजकीय विद्यालयों में 22 कमरों के निर्माण की योजना पर दो साल से कोई काम नहीं हो पा रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से इन विद्यालयों में कमरों के निर्माण के लिए वर्ष 2023-24 के शैक्षणिक सत्र में करीब 2.03 करोड़ रुपये का बजट तैयार कर मुख्यालय भेजा गया था। आज तक मुख्यालय से बजट को मंजूरी प्रदान नहीं की गई है। इन राजकीय विद्यालयों में कमरों का निर्माण मात्र सपना बनकर रह गया है।
प्रदेशभर में जहां नई शिक्षा नीति के तहत राजकीय विद्यालयों की कायाकल्प पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की भांति राजकीय विद्यालयों में सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकें। वहीं जिला के सात राजकीय विद्यालयों में होने वाले 22 कमरों के निर्माण के लिए तैयार बजट को दो साल बाद से मंजूरी का इंतजार है।
मुख्यालय को बजट भेजने और अधिकारियों के पत्राचार के बावजूद बजट की राशि पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। इनमें से कुछ विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए कमरों का अभाव है तो कई में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान लैब के अलावा पुस्तकालय, कंप्यूटर व सामूहिक कक्ष का निर्माण किया जाना है।
किस विद्यालय के लिए कितना बजट तैयार
गांव कतलुपुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में दो कमरों के निर्माण के लिए 20.50 लाख रुपये, गांव नाहरी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पांच-पांच कमरों के लिए 1.24 करोड़, गांव गढ़ी हकीकत के राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय में तीन-तीन कमरों के निर्माण के लिए 48.92 लाख का बजट तैयार किया गया था। इसके अलावा गांव मुरथल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तीन कमरों के निर्माण के लिए 24.46 लाख रुपये और गांव डेरा पूर्बिया के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक कमरे के निर्माण के लिए 9.20 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। जिसे मंजूरी नहीं मिली है।
विभाग का उद्देश्य राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को उचित सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। विद्यालयों में बनने वाले कमरों के लिए जल्द मुख्यालय को पुन: पत्र भेजकर बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत।