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जिस एनवी डिस्टिलरी में एसईटी को जाने नहीं दिया, पुलिस ने अभी तक जांच में शामिल ही नहीं किया

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अंकित चौहान
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सोनीपत। खरखौदा के बहुचर्चित शराब घोटाले व तस्करी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस एनवी डिस्टिलरी में सरकार की ओर से जांच के लिए बनाई गई एसईटी को जाने ही नहीं दिया गया, उस डिस्टिलरी के प्रबंधन को जिले की पुलिस ने अभी तक जांच में शामिल तक नहीं किया है। जबकि तस्करी में सबसे ज्यादा एनवी डिस्टिलरी का लेबल लगी शराब पकड़ी जा रही है। एनवी डिस्टिलरी ही शराब तस्करी के मामले में सबसे बड़ी कड़ी हो सकती है और इस कारण ही घोटाले व तस्करी की पूरी जांच ही लटक गई है। यह भी माना जा रहा है कि दो मंत्रियों की लड़ाई के कारण एनवी डिस्टिलरी अभी तक बची हुई है।
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खरखौदा में लॉकडाउन के दौरान मालखाने से गायब हुई शराब की जब जांच शुरू की गई तो वहां बड़ा घोटाला सामने आया। जिसके बाद गोदाम से शराब गायब करने वालों की धरपकड़ शुरू हुई तो भूपेंद्र ने पुलिस को साफ बताया था कि वह पंजाब के राजपुरा की एनवी डिस्टिलरी से शराब की तस्करी करके लाता था। इस तरह से शराब घोटाले में एनवी डिस्टिलरी का नाम पुलिस के सामने शुरूआत में आ गया था। लेकिन उसके बावजूद पुलिस अभी तक उस मामले में एनवी डिस्टिलरी प्रबंधन को जांच में शामिल ही नहीं कर सकी है और इस कारण ही जांच लटक गई है। जबकि सरकार ने जांच को बनाई एसईटी भी इस डिस्टिलरी में जाकर जांच करना चाहती थी, लेकिन उसे भी वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई। डिस्टिलरी को कई नोटिस देने के बावजूद जांच में शामिल नहीं किया गया है और पुलिस नोटिस से आगे नहीं बढ़ रही है। खरखौदा शराब घोटाला की जांच में डिस्टिलरी प्रबंधन शामिल हुआ भी नहीं था कि तस्करी करके लाई गई शराब एक दूध के टैंकर में पकड़ी गई। उस शराब पर भी एनवी डिस्टिलरी का लेबल लगा था, लेकिन वह अंबाला की डिस्टिलरी में बनी थी। इस मामले को कई दिन हो चुके हैं, लेकिन इसमें भी एनवी डिस्टिलरी प्रबंधन को अभी तक जांच में शामिल नहीं किया गया है। इस तरह पुलिस की जांच एनवी डिस्टिलरी पर जाकर अटक गई है। हालांकि पुलिस सूत्रों की माने तो यह मामला उच्च स्तर का होने के कारण पुलिस कार्रवाई का दावा जरूर करती है, लेकिन पुलिस ने फिलहाल मामले को लटका दिया है।
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इस मामले में अभी कुछ नहीं कह सकता हूं। एनवी डिस्टिलरी वाले जब जांच में शामिल होंगे और उसमें कुछ सामने आएगा तो उस समय ही कुछ बताया जा सकता है।
-जोगेंद्र राठी, डीएसपी एसआईटी
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