सोनीपत। नागरिक अस्पताल में सात माह से कपड़े धोने की (लॉन्ड्री) मशीन खराब पड़ी है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मशीन को ठीक नहीं कराया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों की अनदेखी के कारण कर्मचारियों को हाथों से खराब (मैले) कपड़े धोने पड़ रहे हैं। धोबी रोजाना बेडशीट, चादर और अन्य दैनिक प्रयोग होने वाले कपड़ों को हाथों से धो रहे हैं। अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद मशीन को ठीक नहीं कराया जा रहा है।
नागरिक अस्पताल में आपातकालीन कक्ष सहित वार्डों में मरीजों को बेड पर साफ चादरें मिलें, इसके लिए अस्पताल परिसर में लॉन्ड्री स्थापित है। इसमें कपड़े धोने के लिए मशीन को लगाया गया था। जुलाई, 2024 में लॉन्ड्री मशीन में तकनीकी खराबी आई थी। उसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मशीन को ठीक करवाने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह मशीन धूल फांक रही है। लॉन्ड्री वार्ड में तैनात चार कर्मचारियों को हाथों से चादरों व अन्य कपड़ों को धोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल को 100 से 200 बिस्तर का किया गया था। बेड की संख्या बढ़ने से अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाया, लेकिन संसाधनों को नहीं बढ़ाया गया। सप्ताह में दिन के हिसाब से बेड पर चादरों को बिछाना निर्धारित किया हुआ है।
ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन काफी पुरानी हो गई है। इसमें ज्यादा लोड आने पर खराब हो जाती है। इससे काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मशीन को ऑपरेट करने के लिए ऑपरेटर को अलग से मशीन संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि मशीन को ऑपरेट करते समय किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न हो। अस्पताल में टिंबर मशीन भी काफी समय से कंडम है। धुलाई के बाद उन कपड़ों को व्यवस्थित करने के लिए इस टिंबर मशीन का इस्तेमाल होता है। उसके बाद उस कपड़े को इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
दो माह पहले ही सोनीपत में अतिरिक्त कार्यभार संभाला है। नागरिक अस्पताल के लॉन्ड्री में खराब मशीनों की जानकारी मुझे किसी ने नहीं दी। जल्द स्वास्थ्य अधिकारियों को बुलाकर उनसे इसकी जानकारी ली जाएगी। मशीनों की मरम्मत कराकर इसको चालू करा दिया जाएगा।
- डॉ. जयंत आहुजा, सिविल सर्जन, सोनीपत