जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत कुछ और बयां कर रही है। अस्पताल में 19 दिन से जांच किट न होने के कारण मरीजों की खून जांच तक नहीं हो रही। खून जांच कराने के लिए आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। उन्हें निजी प्रयोगशाला में पैसे देकर खून जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में 4 नवंबर को जांच के लिए टेस्ट ट्यूब खत्म हो गई थी। इसके बाद से अस्पताल में टेस्ट ट्यूब अभी तक नहीं पहुंची है। इस वजह से हीमोग्लोबिन जांच नहीं हो रही है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों को अपनी आंखों का ऑपरेशन कराने से पहले खून की जांच करानी होती है, लेकिन प्रयोगशाला में टेस्ट ट्यूब खत्म होने के कारण जांच प्रभावित हो रही है। यही नहीं अन्य मरीजों को भी परेशानी हो रही है। लोग सर्दी में इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं, लेकिन खून की जांच न होने के कारण उन्हें पूरा इलाज मुहैया नहीं हो रहा है। मरीजों का कहना है कि सरकार ने अस्पताल में मरीजाें के लिए मुफ्त जांच की सुविधा दे रखी है, लेकिन अस्पताल में उपकरण खत्म होने के कारण मरीजों को निजी प्रयोगशाला में रुपये देकर खून जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
गर्भवती की भी परेशानी बढ़ रही
नागरिक अस्पताल में रोजाना 1500 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी होती है। यहां लैब में 300 से अधिक मरीजों की जांच होती हैं। टेस्ट ट्यूब न होने के कारण गर्भवती की भी खून जांच प्रभावित हो रही है। गर्भवती को भी अपनी खून जांच कराने के लिए निजी प्रयोगशाला का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रसव के पहले गर्भवती को नौवें महीने में खून की जांच कराना अनिवार्य कर रखा है। ऐसे में अस्पताल में खून की जांच न होने की वजह से गर्भवती को लगातार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मरीजों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है।
अस्पताल में वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे
जिला अस्पताल में रोजाना वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। चिकित्सक की ओर से मरीजों की ओपीडी पर्ची पर दवा लेने के साथ खून की जांच भी लिख रहे हे। नागरिक अस्पताल में बुखार व खांसी के मरीज चिकित्सकों के पास पहुंचते हैं तो उन्हें जांच करवाने की सलाह दी जाती है।
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अस्पताल में टेस्ट ट्यूब खत्म होने की वजह से खून की जांच बंद है। अस्पताल प्रबंधन लैब का सामान मंगवाने के लिए मुख्यालय डिमांड भेज चुका है, लेकिन अभी तक सामान उपलब्ध नहीं हुआ है। सामान उपलब्ध होने के बाद खून की जांच शुरू कर दी जाएगी।
- प्रिया भारद्वाज, प्रयोगशाला इंचार्ज, जिला नागरिक अस्पताल।