सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग बच्चों, किशोरों और महिलाओं को एनीमियामुक्त करने के लिए अभियान चला रहा है। बच्चों व महिलाओं में खून की कमी को दूर करने के लिए 10 दिसंबर तक यह अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुई थी।
अभियान के तहत सामान्य मरीजों को पहले की तरह प्राथमिक स्तर पर आयरन की दवा दी जा रही है। वहीं गंभीर एनीमिया रोगियों को दवा देने के साथ जब तक वे ठीक नहीं होते है तब तक इनकी मॉनीटरिंग कर फीडबैक भी लिया जाएगा। अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया गया है।
इसके चलते सभी लोग 10 दिसंबर तक चलने वाले अभियान में हिस्सा लेकर अपने खून की जांच अवश्य करवाएं। अभियान के तहत छह टारगेटेड ग्रुप बनाकर बच्चों व किशोरों के खून की जांच की रही है। विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली व गर्भवती महिलाएं के खून की जांच की जा रही।
साथ ही 15 से 49 साल तक की महिलाओं की रक्त जांच की रही है। अभियान के तहत आयरन की गोलियां वितरित की जा रही हैं। इसी तरह बच्चों के लिए सीरप भी वितरित किया जा रहा है।
एनिमिया के कारण होती है कमजोरी
खराब खानपान के कारण खून में हीमोग्लोबिन या आयरन कम हो जाता है। महिलाओं में गर्भावस्था के समय खून की कमी होने से एनीमिया होने का खतरा अधिक होता है। ऐसे में सब्जियों और फलों का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। खून की नियमित जांच करवानी चाहिए ताकि समय रहते एनीमिया का पता लगाया जा सके।
जिले को एनीमियामुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बच्चों और महिलाओं के हीमोग्लोबिन की जांच की जा रही है। यह अभियान 10 दिसंबर तक जारी रहेगा। हीमोग्लोबिन कम मिलने पर बच्चों, किशोरों व महिलाओं का उपचार शुरू किया जाएगा। -डॉ. जितेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी, मातृत्व स्वास्थ्य अभियान।