सोनीपत। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में कोकसर-रोहतांग मार्ग पर सोमवार को हुए हादसे ने सोनीपत के करेवड़ी गांव की महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। बुधवार को शव गांव आते ही परिवार मातम में डूब गया।
करेवड़ी निवासी अमित अपनी पत्नी मोनिका, जुड़वां बेटियों अनिका व अभिका और बेटे दीप के साथ शुक्रवार को मनाली घूमने निकले थे। उन्होंने एक टूरिस्ट बस ऑनलाइन बुक की थी, जिसे फरमाना गांव का चालक चला रहा था। सोमवार को कोकसर-रोहतांग मार्ग पर एक तीखे मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मोनिका की मौके पर ही मौत हो गई। पति की हालत गंभीर बनी है। बुधवार को मोनिका का शव अंतिम संस्कार के लिए गांव आया। गुलजार घर में अचानक मातम छा गया।मोनिका की जुड़वां बेटियां अनिका और अभिका को सिर में चोटें आई थीं। उपचार के बाद उन्हें छुट्टी देकर करेवड़ी गांव लाया गया, जहां बुधवार को उनकी मां मोनिका का अंतिम संस्कार किया गया।
बच्चियों की मासूम आंखों में अब भी मां की वापसी की उम्मीद है। हादसे ने सिर्फ पीड़ित परिवार ही नहीं, पूरे करेवड़ी गांव को शोक में डूबा दिया है। गांव में हर कोई स्तब्ध है और अमित के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। दोनों बेटियों के चेहरे पर मां की कमी साफ झलक रही है, जबकि नन्हा शहर के निजी अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है।