फोटो 43: यमुना में ग्यासपुर-रसूलपुर के पास किया जा रहा खनन।
गन्नौर। गांव ग्यासपुर-रसूलपुर स्थित खनन कंपनी बिना अनुमति के ही यमुना से रेत खनन कर रही थी। कंपनी की रेत खनन की अनुमति पांच माह पहले ही समाप्त हो चुकी है। उसके बावजूद अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों का खेल चलता रहा। अब शुक्रवार को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकूला के अधिकारियों ने खनन बंद कराने के आदेश दिए। जिसके बाद खनन को बंद कराया गया।
यमुना क्षेत्र में एम/एस अल्टीमेट ग्रुप सैंड माइनर क्यूआरिज, ग्यासपुर व रसूलपुर में खनन करती है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस कंपनी की अनुमति सितंबर, 2022 तक ही थी। अनुमति के लिए दो बार आवेदन करने के बाद भी दस्तावेज पूरे नहीं होने पर खनन की अनुमति नहीं मिल सकी, पर कंपनी लगातार खनन करती रही। जिसका पता लगने पर करीब एक माह पहले कंपनी को नोटिस दिया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। जिस पर वीरवार को मुख्यालय की तरफ से खनन कंपनी को बंद कराने के आदेश जारी किए गए। शुक्रवार को अधिकारी साइट पर पहुंचे तो वहां खनन किया जा रहा था। अधिकारियों ने कंपनी को खनन बंद करने के आदेश दिए।
आखिर कैसे चलता रहा बिना अनुमति खनन
खनन कंपनी की अनुमति सितंबर, 2022 में खत्म हो गई थी। उसके बावजूद कंपनी खनन कर रही थी, जिसमें करोड़ों का खेल किया गया है। अधिकारी लगातार निरीक्षण की बात करते हैं। ऐसे में बिना अनुमति खनन कैसे होता रहा। यह बड़ा सवाल है।
शुक्रवार शाम को खनन कंपनी को बंद करने के आदेश मिले थे। जिस पर स्टाफ भेजकर कंपनी का खनन बंद करा दिया है। -अनिल कुमार, जिला खनन अधिकारी
फोटो 43: यमुना में ग्यासपुर-रसूलपुर के पास किया जा रहा खनन।