सोनीपत। शीतलहर के साथ ठंड मुसीबत बनती जा रही है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिखाई देने लगा है। रविवार को सोनीपत का न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवा ने लोगों को ठिठुराने लगी।
कड़ाके की ठंड का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। हालांकि, दिनभर आसमान साफ रहा और धूप खिली रही लेकिन सर्द हवा के चलते धूप पूरी तरह बेअसर साबित हुई। तापमान भले ही 15 डिग्री तक पहुंचा, मगर ठंडी हवा के कारण यह 12 डिग्री जैसा महसूस हुआ। खुले स्थानों, खेतों और छायादार इलाकों में ठंड का असर अधिक रहा। शहरों में लोग पार्कों, छतों और खुले मैदानों में धूप सेंकते नजर आए।
प्रदूषण से राहत, एक्यूआई 121 पर पहुंचा
शीतलहर के बीच राहत की बात यह रही कि जिले की वायु गुणवत्ता में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है। तेज हवा और साफ मौसम के कारण हवा में जमी धूल और धुएं की परत छट रही है। रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 121 दर्ज किया गया जो स्वास्थ्य की दृष्टि से अपेक्षाकृत बेहतर श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हवा इसी तरह चलती रही तो आने वाले दिनों में वायु की गुणवत्ता और बेहतर हो सकती है।
फसलों पर भी दिख रहा असर
शीतलहर का प्रभाव फसलों पर नजर आने लगा है। गेहूं, सरसों, चना और सब्जियों की फसलों पर ठंड का असर पड़ रहा है। कृषि उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा के अनुसार सामान्य ठंड गेहूं और सरसों के लिए लाभकारी होती है लेकिन अत्यधिक शीतलहर और पाला पड़ने से सरसों को नुकसान हो सकता है। सब्जियों में पत्तियों के झुलसने और वृद्धि रुकने का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को सुबह के समय हल्की सिंचाई करने और मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी दुधारू पशुओं को ठंड से बचाने के निर्देश दिए गए हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ठंडी और शुष्क हवा मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं। लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाने चाहिए। -डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक केवीके, जगदीशपुर।