गोहाना। श्री सनातन धर्म मंदिर शिवाला मस्तनाथ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान शनिवार को सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक पूजा प्रीति रामानुज ने कहा कि सुदामा केवल एक गरीब ब्राह्मण नहीं थे बल्कि संतोष और सच्ची मित्रता की मूर्ति थे।
उन्होंने बताया कि जब सुदामा की पत्नी ने उन्हें अपने सखा श्रीकृष्ण के पास जाने के लिए कहा तब उनके मन में कुछ मांगने का भाव नहीं था बल्कि अपने मित्र से मिलने की तड़प थी। यही सच्ची भक्ति है, जहां स्वार्थ नहीं, केवल प्रेम और विश्वास होता है।
कथा के माध्यम से बताया गया कि सच्ची मित्रता और भगवान के प्रति निस्वार्थ भाव ही जीवन का असली धन है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रामचंद्र जांगड़ा (सदस्य राज्यसभा) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुनील मेहता और नीलम मेहता मौजूद रहे। मुख्य यजमान एवं प्रसाद सेवा रोशन गोयल और सरोज गोयल ने निभाई।
इस अवसर पर प्रवीण गोयल, आरडी शर्मा, विनोद अग्रवाल, वीरेंद्र जैन, अशोक जैन, रामनिवास सैनी, गोविंद गोयल, चंद्रशेखर शर्मा, अरुण सैनी, संजय जैन, चेलाराम चुग, सुंदर कश्यप, पवन बंसल और सुरेश मल्होत्रा सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। महिला विंग में ममता गुप्ता, नीमा मेहता, अनिता सैनी और सुमन वर्मा आदि शामिल रहीं।