सोनीपत। शुक्रवार को दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश और शाम के समय अचानक हुई ओलावृष्टि के बाद शनिवार को ठंड ने तीखा तेवर दिखाया। मौसम के बदलाव में शीत लहर का असर साफ नजर आया। दिनभर खिली धूप भी लोगों को राहत नहीं दे सकी। बर्फीली हवा के चलते लोग ठिठुरते नजर आए।
सरगथल स्थित मौसम केंद्र पर शनिवार को न्यूनतम तापमान मात्र 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो प्रदेश में दूसरा सबसे कम रहा। पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 11.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिसने ठंड को और तीखा बना दिया।
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान भी महज 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमटा रहा। दिन में आसमान साफ रहा और धूप भी निकली, लेकिन उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही सर्द हवा ने धूप के असर को पूरी तरह बेअसर कर दिया। शाम होते ही गलन और बढ़ गई, जिससे बाजारों में सन्नाटा छा गया और लोग अलाव व हीटर का सहारा लेते नजर आए।
खेती के लिए फायदेमंद
कड़ाके की ठंड आमजन के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, वहीं कृषि विशेषज्ञों ने इसे रबी की फसलों के लिए लाभकारी बताया है। डॉ. देवेंद्र बताते हैं कि मौजूदा ठंड और नमी गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है, जिससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार में बढ़ोतरी होगी।
-उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र पर बने पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार को समाप्त हो गया है। अब फिर से शीतलहर की दस्तक हुई है। अभी कोहरा भी लोगों को परेशान कर सकता है। सुबह हवा की दिशा भी पूर्वी से बदलकर उत्तरी हो गई।
डॉ. प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ, केवीके सोनीपत