फोटो : सोनीपत के एक सरकारी स्कूल में बैठक करते अध्यापक। स्रोत: संघ
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सोनीपत। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) और शिक्षकों से कराए जा रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों के विरोध में आंदोलन का एलान किया है। संघ 23 सितंबर को पानीपत स्थित शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन करेगा। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन की तैयारियों के तहत संघ के राज्य सचिव जोगेंद्र सिंह, जिला प्रधान नरेंद्र चहल, सचिव दिनेश छिक्कारा, अरविंद दलाल, वरिष्ठ नेता सुरेंद्रपाल, खंड कथूरा प्रधान रविंद्र चहल और खंड मुंडलाना प्रधान रविंद्र कौशिक ने तीन टीमों में जिले के विभिन्न स्कूलों का दौरा किया। टीमों ने खंदराई, बिचपड़ी, जागसी, महमूदपुर, सेक्टर-15, रेवली, रायपुर और कुमासपुर के स्कूलों में शिक्षकों से संपर्क कर उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया।
संघ नेताओं ने आरोप लगाया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत सरकारी भवनों और स्कूलों में दीये जलाने, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं कराने जैसे कार्यक्रमों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जनगणना और एसआईआर कार्य में ड्यूटी के कारण अप्रैल से ही पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर केवल अध्यापन कार्य कराया जाना चाहिए।
25 हजार शिक्षकों की छंटनी का आरोप
संघ ने आरोप लगाया कि स्कूलों के विलय और शिक्षक पात्रता परीक्षा के नाम पर प्रदेश में करीब 25 हजार शिक्षकों की छंटनी की तैयारी की जा रही है। साथ ही नियमितीकरण और पुरानी पेंशन बहाली जैसी मांगों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। संघ ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।