संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सरकार की ओर से लगातार लिए जा रहे गैर शैक्षणिक कार्य को लेकर शिक्षकों में असंतोष बढ़ता रहा है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन भेजकर शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों से मुक्त करने की मांग उठाई है।
एसआईआर कार्य में लगे शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव के विरोध में सोमवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया गया। संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र चहल ने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूल पहले ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं।
ऐसे में शिक्षकों को परिवार पहचान पत्र सत्यापन, वोटर सूची के पुनरीक्षण, बीएलओ ड्यूटी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाया जा रहा है। इससे शिक्षकों का अधिकांश समय शैक्षणिक गतिविधियों के बजाय गैर शैक्षणिक कार्यों में खर्च हो रहा है।
शिक्षकों को स्कूल समय के दौरान भी चुनावी और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। अधिकतर मतदाता गणना प्रपत्र स्वयं नहीं भर सकते यदि भरेंगे तो गलतियां करेंगे। यह सारा कार्य बीएलओ को ही करना पड़ रहा है।
बीएलओ की सहायता के लिए कोई तकनीकी कर्मचारी भी उपलब्ध नहीं है। संघ ने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों को केवल शिक्षण कार्य तक सीमित रखा जाना चाहिए।
उनका तर्क है कि जब शिक्षक लगातार अन्य कार्यों में व्यस्त रहेंगे तो विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया प्रभावित होगी और शिक्षा का स्तर गिर सकता है। जिला सचिव दिनेश छिक्कारा ने कहा कि अगर अध्यापकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता तो राज्य की मीटिंग में आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष रोहताश गंगाना, जिला संगठन सचिव सुरेंद्र पाल, कार्यालय सचिव रोहतास चहल, वरिष्ठ उप प्रधान सुनीता कुंडू, जगदीश, राई ब्लॉक सचिव पवन धानिया, जिला प्रेस सचिव कुलदीप सिंह, पूर्व जिला प्रधान अरविंद दलाल भी मौजूद रहे।