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Sonipat News: भाषा प्रशिक्षण शिविर का शिक्षकों ने किया विरोध

Wed, 04 Jun 2025 01:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 04- सोनीपत के सेक्टर-14 स्थित कार्यालय में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम जिला
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सोनीपत। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से संबंधित हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर जिला इकाई ने छुट्टियों के दौरान राजकीय विद्यालयों में लगाए जा रहे प्रशिक्षण शिविरों का विरोध किया है।
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संघ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों के लिए शिविर लगाने को स्वास्थ्य से खिलवाड़ बताया है। जिला प्रधान नरेंद्र चहल की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम सेक्टर-14 स्थित कार्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया को ज्ञापन दिया गया।
जिला सचिव दिनेश छिक्कारा, राज्य सचिव जोगिंद्र सिंह, खजांची रोहतास गंगाना ने बताया कि विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षकों के प्रशिक्षण व विद्यार्थियों के भारतीय भाषा शिक्षण के नाम पर शिविर लगाने का संगठन विरोध नहीं करता। शिक्षक व शिक्षा व्यवस्था के हित में हर निर्णय विवेक, संवाद व न्याय के आधार पर लिया जाना चाहिए।
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विभाग ने एक तरफ भीषण गर्मी के कारण बच्चों के अवकाश किए हैं तो दूसरी तरफ 1 से 8 जून तक शिविर लगाकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस भाषा शिक्षा कार्य को मूल पाठ्यक्रम में शामिल कर भाषा विशेषज्ञों से करवाया जाए।
अध्यापकों और बच्चों को अवकाश के दौरान जबरन उपस्थिति के लिए बाध्य किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर शोषण है। ऐसे शिविर बजट की औपचारिकता व खानापूर्ति तक सीमित होकर रह जाते हैं। इस फरमान व शिक्षकों की लंबित मांगों पर प्रदेशभर का अध्यापक संघ 5 जून को पंचकूला निदेशालय के बाहर प्रदर्शन में भाग लेगा।
जबरन प्रशिक्षण थोपकर छीने जा रहे अवकाश
सुरेंद्र पाल, कुलदीप सिंह, ऋषिकेश, अनिल ने कहा कि सीमित छुट्टियों में भी जबरन प्रशिक्षण थोपकर अवकाश छीने जा रहे हैं। अन्य विभागों के कर्मचारियों को 52 शनिवार, 15 से 30 अर्जित अवकाश, 20 चिकित्सा, हाफ डे व 4 प्रतिबंधित अवकाश मिलते हैं। इसके विपरीत शिक्षकों को केवल 12 द्वितीय शनिवार, 10 अर्जित अवकाश ही दिए जाते हैं।
यह शिक्षकों की शैक्षणिक स्वतंत्रता व निर्णय क्षमता पर सीधा हमला है। इसमें सुधार कर गुणवत्ता बढ़ाने की ओर अध्यापक को कक्षा कक्ष के अंदर स्वतंत्रता देने की आवश्यकता है। छुट्टियों में प्रशिक्षण थोपने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को नॉन वेकेशन विभाग घोषित किया जाए। अवकाश में प्रशिक्षण शिविर लगाने पर इसके बदले प्रतिपूरक अवकाश या अर्जित अवकाश नियमों के अनुसार दिया जाए।
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