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Sonipat News: एफएलएन शिविर में शिक्षकों ने सीखीं नई शिक्षण विधियां

Wed, 14 Oct 2026 02:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शाहपुर तुर्क में एफएलएन ​​शिविर के दौरान ​शिक्षकों क
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सोनीपत। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) शाहपुर तुर्क में छह दिवसीय बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
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इसका समापन मंगलवार को हुआ। समारोह में जिला परियोजना संयोजक (डीपीसी) कृष्णा खत्री और खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अनिल वर्मा मुख्य अतिथि रहे। इस प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
डीपीसी कृष्णा खत्री ने शिक्षकों के उत्साह, सहभागिता और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गईं गतिविधियों, शिक्षण विधियों और नवाचारों को अपने विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करें। इससे विद्यार्थियों की एफएलएन संबंधी दक्षताओं को मजबूत किया जा सकेगा।
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बीईओ अनिल वर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब इसका लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचेगा और उनके सीखने के स्तर में सुधार आएगा। शिक्षकों को बच्चों की सीखने संबंधी जरूरतों के अनुसार गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना चाहिए।
कार्यक्रम का आयोजन नोडल अधिकारी एवं विद्यालय प्राचार्य चांद किशोर की अध्यक्षता में किया गया। बीआरपी टीम के सदस्यों मोनिका दहिया, सुनील सरोहा और अंजू बाला ने प्रशिक्षण का संयोजन किया। शिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान मिले अनुभवों और ज्ञान को विद्यालयों में लागू करने का संकल्प लिया।

प्रशिक्षण का सकारात्मक प्रभाव बच्चों की पढ़ाई और सीखने के स्तर में दिखाई देना जरूरी
खरखौदा। खंड शिक्षा कार्यालय में प्राथमिक शिक्षकों के लिए चल रहे छह दिवसीय साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण कार्यक्रम के दोनों समूहों का मंगलवार को समापन हो गया।
सभी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार ने शिक्षकों को कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए ज्ञान, कौशल और शिक्षण विधियों को विद्यालयों की कक्षाओं में प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
बीईओ प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की पढ़ाई और सीखने के स्तर में दिखाई देगा। उन्होंने शिक्षकों को प्रशिक्षण में सीखी गई विधियों का नियमित रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
खंड संसाधन समन्वयक मनोज दहिया ने कहा कि शिक्षक बच्चों की सीखने संबंधी कठिनाइयों को पहचानें और उनकी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त शिक्षण गतिविधियां करवाएं।
प्रत्येक बच्चे को उसके सीखने के स्तर के अनुरूप सहयोग दिया जाना चाहिए ताकि वह पढ़ने, लिखने और गणित की बुनियादी समझ विकसित कर सके। प्रशिक्षण के पहले समूह को कविता पंघाल और डॉ. निशा रानी ने प्रशिक्षण दिया जबकि दूसरे समूह को सविता और सीमा देवी ने प्रशिक्षित किया।
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