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Sonipat News: शक और संपत्ति विवाद ने लील लीं दो जिंदगियां

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सोनीपत। सेक्टर-14 में देवर द्वारा भाभी की हत्या करने और बाद में खुद आत्महत्या करने के मामले मेंं रिश्तों में दरार, अलगाव और संपत्ति विवाद एक साथ सामने आए हैं। पुलिस ने आशा के भाई सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल के बयान पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मृतका आशा को अंतिम समय में अपने बेटे के हाथों मुखाग्नि तक नसीब नहीं हो सकी।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ कैंट निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल अजीत सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई है कि उनकी बहन आशा की हत्या उनके देवर सेक्टर-14 निवासी महाबीर सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन आशा की शादी गांव कुंडल निवासी बीर सिंह से हुई थी।
आशा के पति बीर सिंह का वर्ष 2014 में निधन हो चुका है। उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ था। उनकी बहन का इकलौता बेटा योगी राणा वर्ष 2000 में पढ़ाई के लिए विदेश गया था। वर्ष 2006 में उसके ओमान में होने का पता लगा था लेकिन उसके बाद से परिवार से कोई संपर्क नहीं है।
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महाबीर का परिवार व आशा वर्ष 2012 से सेक्टर-14 स्थित घर में पहली मंजिल व भूतल पर अलग-अलग रहते थे। महाबीर अपने बेटे अरुण व पत्नी संग पहली मंजिल पर रहता था। अजीत सिंह का आरोप है कि महाबीर अपने भाई बीर सिंह की मौत का जिम्मेदार उनकी बहन आशा व उषा और उषा के पति दिनेश को मानता था।
इसी रंजिश में उसने बहन आशा की हत्या कर दी और खुद फंदे पर लटक गया। हालांकि, परिवार का कहना है कि बीर सिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई थी।



बेटे से नहीं हुआ संपर्क तो भाई ने लिया शव

परिवार के सदस्यों ने आशा के बेटे योगी का पता लगाने का प्रयास किया लेकिन कोई संपर्क नहीं हो सका जिस पर आशा का शव उनके भाई को सौंपा गया। उन्होंने सेक्टर-15 में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। वहीं, महाबीर का शव उनके बेटे और अन्य परिजन अपने साथ ले गए।



संपत्ति के विवाद को लेकर भी जांच आगे बढ़ा सकती है पुलिस

भाभी की हत्या व महाबीर के खुद फंदे पर लटकने के बाद मृतका के भाई ने रंजिशन हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले में संपत्ति को लेकर भी जांच करेगी। बताया जा रहा है कि पति की मौत और बेटे से दशक भर से कोई संपर्क नहीं होने के चलते आशा अपने हिस्से की संपत्ति को लेकर चिंता में थी। वह अपने परिवार के किसी अन्य सदस्य को वारिस बना सकती थी जिससे महाबीर को पैतृक संपत्ति के बंटवारे का शक था। परिवार के भीतर चल रहे मतभेद ने हिंसक रूप ले लिया। हालांकि, पुलिस अभी सभी पहलुओं पुरानी रंजिश, लिखित आरोप और संपत्ति विवाद को ध्यान में रखते हुए गहन जांच कर रही है।
वर्जन



हत्या और आत्महत्या के मामले में लिखित आरोपों को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ाई है। मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी। परिवार के लोगों से भी बातचीत की जाएगी। हर साक्ष्य को खंगाला जाएगा। -इंस्पेक्टर सवित, थाना प्रभारी सेक्टर-27 सोनीपत।
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