सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से सोमवार को गांव बड़वासनी से रैपिड फीवर मास सर्वे शुरू किया गया। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी (एमपीएचडब्ल्यू) रणबीर फौजी, राजबीर सिंह, महेश राठी, नवीन की टीम ने सर्वे के दौरान घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की रक्त पट्टियाएं बनाईं। साथ ही ग्रामीणों को मलेरिया व डेंगू बुखार से बचने के बारे में जानकारी दी।
सर्वे के दौरान घरों में रखे कूलरों व पानी की टंकियों में मच्छर का लार्वा तलाशा गया। रणबीर फौजी ने कहा कि धीरे-धीरे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया बुखार से संबंधित जागरूकता जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मलेरिया की जांच के लिए बुखार से पीड़ित 22 मरीजों के रक्त के नमूने लेने के साथ 547 घरों का सर्वे किया। हालांकि इस वर्ष मलेरिया व डेंगू का अभी तक कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी लोगों को इनसे बचने के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी राजबीर सिंह ने कहा कि मलेरिया में सर्दी के साथ बुखार होना, सिर के अगले हिस्से में दर्द होना, उल्टी होना, जी मिचलाना व बदन दर्द होना लक्षण हैं। यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रक्त की जांच करवाएं। मच्छरों से बचने के लिए हमें घर के दरवाजों में जाली लगवाना, सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करना व पूरी बाजू के कपड़े पहनना चाहिए।
महेश राठी ने कहा कि हमें सप्ताह में एक दिन रविवार को सूखा दिवस के रूप में मनाना चाहिए, जिसके तहत खुले बर्तन जैसे टंकी, पानी से भरे हौज को खाली करके, सुखाकर फिर पानी भरना चाहिए। इसी प्रकार कूलर, फ्रिज व पौधों के गमले सहित अन्य सामान सप्ताह में एक दिन खाली करने चाहिए।
विभाग की ओर से हर माह 1 से 10 तारीख तक रैपिड फीवर मास सर्वे किया जाता है। इस दौरान लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही सर्वे के दौरान बुखार से पीड़ित मरीजों की रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं। डॉ. अनविता कौशिक, जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, सोनीपत
फोटो 02. गांव बड़वासनी में सर्वे के दौरान महिला को डेंगू व मलेरिया से बचाव की जानकारी देते स्वा