सोनीपत के गांव कुराड़ इब्राहिमपुर निवासी सुनील कुमार आंतिल परिजनों के साथ मतदान के बाद उंगली प
सोनीपत। लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भूमिका का निर्वहन करने के लिए जिलावासियों में गजब का उत्साह बना रहा। यही कारण रहा कि देश-विदेश में बैठे सोनीपतवासी भी इस लोकसभा चुनाव में खुद को मतदान करने के लिए आने से नहीं रोक सके। इन्हीं में से एक हैं सुनील कुमार आंतिल, जो नागालैंड से परिवार के साथ मतदान करने के लिए 40 दिन की छुट्टी लेकर सोनीपत पहुंचे हैं। खास बात यह है कि सुनील कुमार 11 साल बाद सोनीपत में मतदान किया।
मूलरूप से गांव कुराड़ इब्राहिमपुर निवासी मास्टर रामकंवार आंतिल के 43 वर्षीय पुत्र सुनील कुमार आंतिल दो भाई-बहनों में बड़े हैं और नागालैंड में 11 वर्ष से रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूल में संस्कृत शिक्षक एवं एनसीसी अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। सुनील कुमार ने बताया कि लोकसभा चुनाव एक खास त्योहार की तरह है। यही कारण है कि वह इस त्योहार को अपनों के साथ मनाने के लिए परिवार सहित नागालैंड से अपने गृहक्षेत्र गांव कुराड़ इब्राहिमपुर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वह 40 दिन की छुट्टी लेकर 13 मई को घर पहुंचे थे। लंबे समय बाद गृह क्षेत्र में लौटने पर सभी से मिले और चुनावी माहौल पर चर्चा की। शनिवार को उन्होंने शनिवार को उन्होंने गांव के राजकीय स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र पर अपने पिता मास्टर रामकंवार आंतिल और माता मूर्ति देवी के साथ मतदान कर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया।
आस्ट्रेलिया से पहुंचे प्रणव ने पहली बार किया मतदान
गन्नौर। देश की नई सरकार चुनने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आस्ट्रेलिया से पहुंचे प्रणव त्यागी ने शनिवार को गन्नौर के बूथ नंबर 88 पर पहुंचकर पहली बार मतदान किया। प्रणव त्यागी मूलरूप से गन्नौर के गांव गढ़ी केसरी के निवासी हैं और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित लेटरोब यूनिवर्सिटी से ऑटो मोटिव की पढ़ाई कर रहे हैं। 23 वर्षीय प्रणव त्यागी ने बताया कि वह पहली बार मतदान करने को बेहद उत्साहित थे। मतदान के दौरान उंगली पर लगी स्याही के निशान को देखते हुए बेहद खुशी हो रही है। अब मैं भी कह सकता हूं कि देश की नई सरकार चुनने में भी मैंने भी अपना योगदान दिया है। संवाद
सोनीपत के गांव कुराड़ इब्राहिमपुर निवासी सुनील कुमार आंतिल परिजनों के साथ मतदान के बाद उंगली प