फोटो : 19 : गन्रौर में पूर्व रणजी खिलाड़ी रामकरण के हत्यारोपी सुनील लंबू को पैदल अस्पताल लेकर
गन्नौर। पूर्व रणजी खिलाड़ी रामकरण की हत्या के आरोपी सुनील लंबू का तीन दिन का रिमांड समाप्त होने पर शनिवार को पुलिस ने उसे अदालत में पेश करने से पहले थाने से उपमंडल अस्पताल तक पैदल लेकर गई। मेडिकल की औपचारिकता पूरी करने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने लंबू को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गन्नौर क्राइम यूनिट इंचार्ज एसआई मुकेश कुमार ने बताया कि पूछताछ में सुनील लंबू ने स्वीकार किया कि पूर्व क्रिकेट कोच रामकरण की हत्या उसने चुनावी रंजिश के चलते की थी। पुलिस ने उससे हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्तौल भी बरामद कर ली है।
3 नवंबर की शाम रामकरण की गोली मारकर हत्या करने के बाद सुनील लंबू फरार हो गया था। लंबू को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स व गन्नौर सीआईए टीम ने ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत राई क्षेत्र के बीसवांमील से गिरफ्तार किया था। हत्या के बाद वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह मथुरा व जम्मू-कश्मीर में छिपा था।
विदेश भागने के लिए उसने तैयारी शुरू कर दी थी लेकिन पुलिस ने पहले ही उसका पासपोर्ट व बैंक खाते सील कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
लंबू को देखकर आग बबूला हुए रामकरण के परिजन
हत्यारोपी सुनील लंबू को देखे मृतक रामकरण के परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने सुनील लंबू को बुरा-भला सुनाते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, पुलिस टीम ने उन्हें अस्पताल के अंदर घुसने से रोके रखा। परिजनों ने आरोप लगाते हुए हंगामा किया कि पुलिस ने आरोपी को कड़ा दंड नहीं दिया। इसकी सूचना मिलने पर गन्नौर थाना प्रभारी धीरज कुमार मौके पर पहुंचे और उन्हें समझा कर शांत किया।