सोनीपत। ठंड के साथ ही प्रदूषण लोगों लिए मुसीबत बनने लगा है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे सुबह धूप निकलने के बाद दिनभर सूर्य व बादल के बीच आंख मिचौली का खेल चलता रहा। शीतलहर चलने व बादलों के आने से लोगों को ठंड का अहसास होता रहा। दिनभर पांच किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चली हवाओं में लोगों को ठंड से राहत नहीं लेने दी। हवा की गति कम होने से प्रदूषण का स्तर फिर से गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 313 दर्ज किया गया। रविवार को यह 197 था।
मौसम में लगातार उतार चढ़ाव बना हुआ है। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से जहां रविवार को दिन भर आसमान बादलों से ढका रहा था। सोमवार को धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिले का अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को अधिकतम तापमान 15.0 डिग्री व न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विशेषज्ञों ने 31 जनवरी की रात से तीन फरवरी के दौरान बादल छाने और बूंदाबांदी का आसार जताया है।
कृषि के लिए फायदेमंद है मौसम
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड का मौसम फसलों के लिए लाभदायक है। इस बीच अगर बूंदाबांदी हुई तो यह गेहूं की फसल के लिए रामबाण साबित होगी। इससे किसानों का सिंचाई का खर्च भी कम होगा और फसलों की ग्रोथ बेहतर तरीके से हो सकेगी।
तीन ट्रेन रद्द, कई घंटों देरी से चलीं
शीतलहर चलने से भले ही कोहरा छंट गया हो, लेकिन ट्रेन अभी भी देरी से चल रही हैं। सोमवार को गीता जयंती एक्सप्रेस, दादर एक्सप्रेस और झेलम एक्सप्रेस रद्द रही। वहीं बठिंडा एक्सप्रेस 4 घंटे 48 मिनट , दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस 1 घंटा 43 मिनट, फरक्का एक्सप्रेस 11 घंटे 46 मिनट, मूरी एक्सप्रेस 1 घंटा 32 मिनट, नेताजी एक्सप्रेस 7 घंटे 24 मिनट, गाजियाबाद-पानीपत मेमू 1 घंटा 35 मिनट, मालवा एक्सप्रेस 1 घंटा 59 मिनट, आम्रपाली एक्सप्रेस 2 घंटे 29 मिनट और हिमाचल एक्सप्रेस चार घंटे तक की देरी से चल रही हैं।
वर्जन
मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। सोमवार को बादल छाए रहे। कभी धूप निकलती तो कभी ओझल होती रही। पांच किलोमीटर की गति से चलने वाली शीतलहर से लोग ठिठुरते रहे। 31 जनवरी की रात से तीन फरवरी तक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है।
डॉ. प्रेमदीप, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र, जगदीशपुर