सोनीपत। डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी खुद को किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें। व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल करें।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में व्यवस्थाओं व सुविधाओं को देखा। राज्यपाल ने निरीक्षण की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शैक्षणिक भवन से की। उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए शिक्षण विधि की समीक्षा की। उन्होंने कन्या छात्रावास व ब्वॉयज होस्टल का दौरा करते हुए रसोईघर का निरीक्षण किया। यहां विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन को भी चखा। छात्र सोमेश व जयदीप से उन्होंने भोजन तथा छात्रावास सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही छात्रावास में कमरों तथा शौचालय सहित अन्य सुविधाओं की पड़ताल भी की।
राज्यपाल ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए जानकारी ली कि प्रतिदिन कितने विद्यार्थी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। पुस्तकालय भवन में स्थापित किये गये भारत की प्रथम संविधान सभा के चित्र (फोटो- 1956) को भी लोकार्पित किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे बाबा साहब डॉ. बीआर आंबेडकर के विषय में अध्ययन करते हुए इतिहास की जानकारी लें। कहा कि डॉ. अंबेडकर बेहद गरीब परिवार से संबंध रखते थे, जिन्होंने अन्याय सहकर भी खुद को साबित किया। उन्होंने अपने ज्ञान व संघर्ष के बल पर दुनिया में अमिट पहचान बनाई। इस दौरान कुलपति डॉ. अर्चना मिश्रा, अतिरिक्त उपायुक्त शांतनु शर्मा, एएसपी निकिता खट्टर, राज्यपाल के एडीसी जगदीप सिंह, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अमित कुमार, विवि के जनसंपर्क अधिकारी अमरीश प्रजापति, सतीश राणा, ज्योति राणा सहित अन्य मौजूद रहे।
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छात्रावास में वाई-फाई सुविधा देने की मांग
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने छात्र-छात्राओं से बातचीत की और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा। इस दौरान विद्यार्थियों ने भी राज्यपाल से खुलकर बातचीत की। छात्राओं ने छात्रावास में वाई-फाई की सुविधा देने की मांग की। जिसे स्वीकृत करते हुए 15 दिनों के भीतर यह सुविधा देने का आश्वासन दिया गया। प्रथम वर्ष की गौरी सहरावत व द्वितीय वर्ष की छात्रा श्रुति बिश्नोई ने कहा कि विश्वविद्यालय में बेहतरीन शैक्षणिक माहौल है। राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय की अभी शुरुआत है। यहां विद्यार्थियों को हर प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की पहचान देश के अच्छे शिक्षण संस्थानों में होनी चाहिए।