सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) के हॉस्टल से मंगलवार देर शाम एक विद्यार्थियों को निकलने का नोटिस जारी करने के बाद अन्य विद्यार्थी भड़क उठे। गुस्साए विद्यार्थियों ने हॉस्टल गेट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विश्वविद्यालय प्रबंधन व हॉस्टल वार्डन के खिलाफ रात करीब एक बजे तक नारेबाजी की। विद्यार्थी सुबह कुलपति से मिले और अपनी समस्या बताई। इसके बाद कुलपति ने विद्यार्थी को बाहर निकालने का नोटिस खारिज कर दिया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन व हॉस्टल वार्डन के खिलाफ गेट पर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियाें ने बताया कि एक दिन पहले विश्राम गृह में अचानक आग लग गई थी। इससे वहां लगा एसी जल गया था। हॉस्टल वार्डन व सुपरवाइजर ने इसका आरोप हॉस्टल में रह रहे सीएससी विभाग के तृतीय वर्ष के विद्यार्थी पर लगाया था। हॉस्टल वार्डन ने मंगलवार शाम करीब सात बजे विद्यार्थी को नोटिस जारी करते हुए तुरंत हॉस्टल से निकल जाने को कहा।
विद्यार्थी ने बताया कि विश्राम गृह में लगी आग से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उस पर झूठे आरोप लगाया गए हैं। आरोप है कि हॉस्टल वार्डन व सुपरवाइजर ने विद्यार्थी की एक नहीं सुनी और कहा कि जो आदेश जारी कर दिए, उसे वापस नहीं लेंगे। एक विद्यार्थी को बिना वजह हॉस्टल से निकालने पर वहां रह रहे अन्य विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। देर शाम को ही कुलपति व रजिस्ट्रार से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें गुमराह करते हुए कहा कि दोनों अधिकारी बाहर हैं। जिसके बाद उन्हें मजबूरन प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
विद्यार्थियों ने बताया कि रात 11 बजे से देर रात एक बजे तक प्रदर्शन किया। उसके बाद सुबह कुलपति से मिलने की बात कहकर सभी लौट गए थे। बुधवार सुबह सभी विद्यार्थी एकत्रित होकर कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्या बताई। साथ ही हॉस्टल वार्डन व सुपरवाइजरों की तरफ से किए जाने वाले गलत व्यवहार की भी शिकायत दी। कुलपति ने विद्यार्थियों के साथ ही हॉस्टल वार्डन व सुपरवाइजर से भी बातचीत की। जिसके बाद विद्यार्थी को हॉस्टल से बाहर निकालने के नोटिस को खारिज करते हुए हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने काे कहा।
वार्डन व सुपरवाइजरों को बदलने की मांग
विद्यार्थियों का कहना है कि हॉस्टल के चीफ वार्डन व दोनों सुपरवाइजर तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं। जबकि इनकी जिम्मेदारी होती है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को कोई परेशानी है तो उनकी बात सुनें और समस्या का समाधान करने का प्रयास करें, लेकिन यहां उल्टा हो रहा है। विद्यार्थियों ने मांग की है कि हॉस्टल के चीफ वार्डन व दोनों सुपरवाइजरों के पदों पर बेहतर इंसान की नियुक्ति की जाए।