संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। उपमंडल में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग परिवहन सुविधा दे रहा है। यह सुविधा उन विद्यार्थियों के लिए है जो दूसरे गांवों से पढ़ने आते हैं। विभाग ने इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया है।
यह सुविधा केवल गोहाना ब्लॉक के दस चिह्नित स्कूलों के विद्यार्थियों को मिल रही है। अन्य ब्लॉक और स्कूलों के विद्यार्थी अपने स्तर पर आने-जाने की व्यवस्था करते हैं। शिक्षा विभाग ने यह सुविधा निजी स्कूलों की तर्ज पर शुरू की है। सरकारी स्कूलों में यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क प्रदान की जा रही है।
निजी स्कूलों में परिवहन के लिए अभिभावकों को अलग से शुल्क देना पड़ता है। निशुल्क परिवहन का लाभ उन स्कूलों को मिलता है जहां दूसरे गांवों से विद्यार्थी आते हैं। सभी ब्लॉकों में यह सुविधा नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। उन्हें स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल या अन्य वाहनों का उपयोग करना पड़ता है।
शिक्षा विभाग ने शहर में स्थित राजकीय कन्या स्कूल को शामिल किया है। राजकीय स्कूल रभड़ा और राजकीय स्कूल भैंसवाल कलां भी इसमें शामिल हैं। राजकीय कन्या स्कूल भैंसवाल कलां और राजकीय स्कूल न्यात को भी सुविधा मिल रही है। राजकीय स्कूल बीधल, राजकीय स्कूल गामड़ी, आंवली, मोई हुड्डा तथा सरगथल भी चिह्नित हैं।
इंसेट
परिवहन सुविधा का विभाग उठाता है खर्च
इन चिह्नित स्कूलों के विद्यार्थियों की परिवहन सुविधा पर विभाग खर्च करता है। विभाग द्वारा प्रति माह करीब छह लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट होने के कारण इस सुविधा का विस्तार अभी नहीं हुआ है। अन्य गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को अभी भी स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती है।
वर्जन
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को परिवहन की सुविधा मुख्यालय के आदेशानुसार दी जा रही है। यह सुविधा उन स्कूलों में दी जाती है, जहां विद्यार्थी दूसरे गांवों से पढ़ने के लिए आते हैं। इससे विद्यार्थी स्कूल व घर तक सुरक्षित सफर कर रहे हैं।-बलजीत गहलावत, बीईओ, गोहाना