सोनीपत के मुरथल विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते हुए कार्यालय में घुसने का प्रयास करते विद्यार्
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) मुरथल में शिक्षकों, कर्मचारियों के बाद अब विद्यार्थियों को भी विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय में बिजली-पानी की किल्लत का सामना कर रहे विद्यार्थियों ने शुक्रवार को कुलपति से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
इससे विद्यार्थी भड़क गए और प्रशासनिक भवन के बाहर जमकर हंगामा किया और विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए करीब एक घंटे बाद विवि प्रशासन की तरफ से आश्वासन दिया गया कि विद्यार्थियों के सामने आने वाली परेशानियों को दूर किया जाएगा। जिसके बाद विद्यार्थी कक्षाओं में लौट गए। दीनबंधु छाेटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वाले एमबीए व बीटेक सहित अन्य कक्षाओं के विद्यार्थी शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे विवि के प्रशासनिक भवन के बाहर एकत्रित हुए और कुलपति से मिलने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से समय मांगा।
लंबे इंतजार करने के बाद भी उन्हें कुलपति से नहीं मिलने दिया गया तो विद्यार्थी भड़क गए और गेट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पीने का पानी तक पर्याप्त व स्वच्छ नहीं मिल रहा। सुबह एक घंटे के लिए ठंडा पानी मिलता है, फिर पानी बंद कर दिया जाता है। यही नहीं उनकी कक्षाओं में कहने को एयर कंडीशन (एसी) लगे हैं, लेकिन चलाए नहीं जाते। भीषण गर्मी में कई बार बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे पंखे भी रुक जाते हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने का प्रयास करते हैं तो उन्हें मिलने तक नहीं दिया जाता। इससे पहले विवि के शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी भी विवि प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए धरने प्रदर्शन कर चुके हैं।
पानी खरीदकर बुझानी पड़ रही प्यास
विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें विवि में पर्याप्त व स्वच्छ पानी नहीं मिलता। पानी की टंकियों में गंदगी जमा है। भीषण गर्मी में पानी के बिना नहीं रहा जाता। इसलिए मजबूरन कैंटीन से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि अपनी समस्याओं को लेकर पहले भी अपने विभागों के चेयरमैन को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ। अब मजबूर होकर प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर विवि के कुलपति व रजिस्ट्रार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।