सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर अवरोधक पूरी तरह हटाने की मांग को लेकर धरना देते रविंद्र जठेड़ी
सोनीपत। कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर फ्लाईओवरों से अवरोधक व कंक्रीट की दीवार हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। दूसरे दिन शाम तक दिल्ली-पानीपत की दो लेन खाली किए गए। साथ ही पानीपत-दिल्ली लेन पर अवरोधक हटाने का काम शुरू कर दिया गया। उम्मीद है कि शनिवार से दिल्ली में प्रवेश करना आसान हो जाएगा। इससे पहले सर्विस लेन से दोनों का आवागमन जारी है।
कुंडली-सिंघु बॉर्डर को 13 फरवरी को पूरी तरह बंद कर दिया था। अब कुंडली बॉर्डर के फ्लाईओवरों को खोलने की प्रक्रिया दिल्ली पुलिस ने वीरवार से शुरू करवा दी है। फ्लाईओवरों पर बनाए गए पक्के अवरोधकों को हटाने के लिए बुलडोजर लगाए गए हैं। सीमेंट की दीवारों को तोडऩे में समय लग रहा है। माना जा रहा है कि 3-4 दिनों में फ्लाईओवरों की दोनों तरफ की दो-दो लेन खाली कर दी जाएंगी। एनएच-44 पर फिर से यातायात सुचारू हो सकेगा। फिलहाल कुंडली बॉर्डर पर शुक्रवार को शाम तक बॉर्डर के फ्लाईओवरों पर दिल्ली से पानीपत लेन से सीमेंट की दीवारें तोडकऱ व अवरोधक हटाकर मलबा हटाने का काम किया जा रहा था। वहीं, पानीपत-दिल्ली लेन पर अवरोधक तोडऩे का काम शुरू कर दिया गया। माना जा रहा है कि शनिवार से एक ओर का यातायात फ्लाईओवर से शुरू हो सकता है, जबकि दूसरी तरफ का शुरू होने में अभी 2-3 दिनों का समय लग सकता है।
पूरा मार्ग खुलवाने को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रविंद्र जठेड़ी
दिल्ली हरियाणा सीमा पर बंद किए राष्ट्रीय राजमार्गों को खुलवाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी के सत्याग्रहियों ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 पर कुंडली में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह प्रदर्शन शुरू कर दिया। रविंद्र जठेड़ी ने बताया कि लंबे समय से बंद रखे गए राष्ट्रीय राजमार्गों को खुलवाने की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता लगातार शासन प्रशासन से गुहार लगाती रही है। उनकी पार्टी ने 4 अप्रैल को राष्ट्रपति को मेल भेज कर दिल्ली हरियाणा सीमा के राष्ट्रीय राजमार्गों को तुरंत खाली करवा कर जनता को राहत देने की मांग की थी और राष्ट्रीय राजमार्ग को शीघ्र न खोले जाने की स्थिति में 19 अप्रैल से कुंडली बॉर्डर पर सत्याग्रह प्रदर्शन शुरू करने का अल्टीमेटम भी दिया था। अभी तक मार्ग पूरी तरह खोले नहीं गए हैं तो उन्होंने अब सत्याग्रह प्रदर्शन शुरू कर दिया है।