गोहाना। खानपुर कलां गांव स्थित भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में जल्द ही नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट (एनईएलएस) लैब शुरू होने वाली है। यह प्रदेश की पहली एनईएलएस लैब होगी। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है। मशीनों के आते ही लैब शुरू हो जाएगी।
इस लैब के जरिए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, अधिकारियों, नर्सिंग, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को आपात स्थिति में मरीज की जान बचाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सड़क हादसा, हार्ट अटैक, ज्यादा खून बहने, गंभीर चोट या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी स्थितियों में सही और तुरंत इलाज की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
महिला मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का अस्पताल संचालित है। यहां स्त्री रोग, मेडिसिन, नाक-कान-गला, आंख, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और बच्चों की ओपीडी चल रही हैं। साथ ही एमबीबीएस और डिप्लोमा कोर्स भी कराए जाते हैं।
अभी तक छात्राओं और स्टाफ को ड्यूटी के दौरान ही जानकारी मिलती थी लेकिन अलग-अलग बीमारियों को शुरुआती स्तर पर संभालने का व्यावहारिक अनुभव कम रहता है।
चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार एनईएलएस लैब में सीपीआर, सांस की नली संभालना, शॉक मैनेजमेंट, हार्ट अटैक व स्ट्रोक की पहचान, ट्रॉमा और गंभीर चोटों में तुरंत इलाज जैसी अहम चीजें सिखाई जाएंगी। आधुनिक तकनीक से असली जैसी परिस्थितियां बनाई जाएंगी।
महिला विवि का स्टाफ भी होगा प्रशिक्षित
महिला मेडिकल कॉलेज के पास ही बीपीएस महिला विश्वविद्यालय में करीब सात हजार छात्राएं पढ़ती हैं। लैब शुरू होने के बाद पहले मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को, फिर विश्वविद्यालय के स्टाफ को प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे कैंपस या सार्वजनिक जगहों पर होने वाली दुर्घटनाओं में तुरंत मदद मिल सकेगी।
कॉलेज में जल्द ही प्रदेश की पहली एनईएलएस लैब शुरू की जाएगी। इसको समाज को आपात स्थिति में सही मदद देने के लिए तैयार किया जाएगा। इस लैब में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, एंबुलेंस स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, निदेशक, बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज