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बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे निर्माण को धरना, सरकार ने किए 2.5 करोड़ मंजूर

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बीसवां मील बहादुरगढ़ हाईवे पर भरे पानी से गुजरते वाहन चालक। - फोटो : Sonipat
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राई/सोनीपत। बीसवां मील चौक से बहादुरगढ़ को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे की हालत बदतर हो चुकी है। हाईवे पर नाले का पानी भरने से रोड से निकलना मुश्किल हो रहा है। पानी भरने से सड़क टूटकर बिखर गई है। बार-बार शिकायत के बाद सुनवाई नहीं होने से बिफरे लोगों ने रविवार को हाईवे किनारे धरना दिया। सांकेतिक धरने के दौरान लोगों ने रोष जताया। वहीं रविवार को ही मामले में सरकार ने संज्ञान लेते हुए हाईवे के क्षतिग्रस्त हिस्से के निर्माण व पानी निकासी के लिए 2.5 करोड़ का बजट मंजूर कर लिया है। इसके लिए गांव बढ़मलिक में तालाब की खोदाई की जाएगी।
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बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे पर पानी की निकासी नहीं होने से मार्ग पर पानी भरा हुआ है। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से होकर अपने गंतव्य की तरफ जाने वाले ग्रामीणों के साथ ही राई औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों को भी सड़क पर भरे दूषित पानी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग कर चुके हैं। समाधान नहीं होता देख रविवार को लोगों ने मानव अधिकार संरक्षण संघ व राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच के बैनर तले धरना शुरू कर दिया। इस दौरान मनोज कौशिक ने कहा कि इस मार्ग की समस्या को लेकर जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक से अपील की जा चुकी है। हजारों लोगों को आवागमन के लिए बीसवां-बहादुरगढ़ रोड पर जाना पड़ता है। इस मार्ग पर गांव बढ़मलिक के सामने पानी भरा हुआ है। दूषित पानी के चलते पैदल राहगीर यहां से नहीं गुजर पाते। साथ ही वाहन भी दूषित पानी में फंस रहे हैं। ग्रामीणों को इस मार्ग पर भरे पानी के कारण आए दिन हादसे का भी शिकार होना पड़ रहा है। हेमंत नांदल ने कहा कि सांकेतिक धरने से नए आंदोलन कि शुरुआत की गई है। यह समाधान होने तक जारी रहेगा। इस दौरान एक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी बुधवार को डीसी से मुलाकात करेगी। इस दौरान डॉ. ताराचंद राणा, अधिवक्ता रामफल मलिक, अनिल शर्मा, दिलावर, नरेंद्र हुड्डा, अमित, मंजीत राठी, मोहन आंतिल आदि ने धरना देकर जल्द समाधान की मांग की।
करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं हो सका स्थायी समाधान
लोगों ने आरोप लगाया कि जनवरी, 2018 में साढ़े नौ करोड़ रुपये की लागत से इस मार्ग को ठीक किया गया था, लेकिन यह पैसा सड़क पर पानी भरने से बर्बाद हो गया। नाले के पानी की निकासी के अभाव में पानी सड़क पर भरा रहता है। सड़क टूटने का मुख्य कारण भी पानी निकासी का बंदोबस्त नहीं होना है। यहां बनाया गया नाला ऊंचा है और सड़क निचाई पर है। तालाब बन चुके हाईवे के इस हिस्से पर रोजाना हादसे हो रहे हैं। राहगीरों को निकलने में परेशानी होती है।
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मार्ग पर बनी रहती है जाम की स्थिति
हाईवे पर भरे पानी की वजह से यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां से वाहन निकलने के दौरान कई बार बंद हो जाते हैं और कई बार गड्ढे में फंस जाते हैं। जिससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यहां घंटों तक वाहन फंस रहते हैं।
सड़क की होगी स्पेशल रिपेयर : राजीव जैन
सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने बताया कि बीसवां मील-बहादुरगढ़ स्टेट हाइवे पर जठेड़ी बढ़मलिक गांव के पास सड़क के 700 मीटर टुकड़े की स्पेशल रिपेयर को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। आसपास की कालोनियों के गंदे पानी की निकासी नहीं होने से बार-बार इस सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा था, जिससे वाहन चालकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब ढाई करोड़ रुपये की लागत से इस हिस्से का निर्माण होगा। इसके लिए अगले सप्ताह में टेंडर आमंत्रित किया जाएगा। इस हिस्से को सीमेंटेड बनवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूषित पानी की निकासी के लिए बढ़मलिक में तालाब खोदवाया गया है, जिसमें इस सड़क और आने वाले दूषित पानी की निकासी का प्रबंध किया जाएगा।

बीसवां मील बहादुरगढ़ हाईवे के सुधार को लेकर धरना देते लोग।- फोटो : Sonipat

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