संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि वह लखीमपुर खीरी मामले में दोषियों को सजा दिलाने के लिए शहीदों के परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को तुरंत बर्खास्त करने के साथ ही उनके बेटे की गिरफ्तारी की जाए। साथ ही सीएम मनोहर लाल को भड़काने वाला भाषण देने के चलते बर्खास्त किया जाए। एसकेएम ने केंद्र व यूपी सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो शहीदों के अंतिम अरदास दिवस पर न्याय के लिए बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा अभी भी अपने पद पर कायम हैं। उनके बेटे को भी यूपी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। केंद्र सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ रहा है। अब समय आ गया है कि गलत करने वालों को सरकार से हटाया जाए। एसकेएम ने घोषणा की कि वह लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड में न्याय के लिए संघर्ष को मुकाम तक पहुंचा जाएगा। एसकेएम किसान शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है। न्याय मिलने तक किसानों की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के अंतिम अरदास दिवस तक अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो एसकेएम लड़ाई को तेज करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में मंत्री अजय मिश्रा का आपराधिक इतिहास लखीमपुर खीरी में दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण जनता के सामने आ गया है। एसकेएम 25 सितंबर को एक सार्वजनिक सभा में उनके द्वारा किसानों को दी गई धमकी पर सवाल उठा चुका है। उन्होंने कहा कि एसकेएम मंत्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने या कड़े विरोध का सामना करने की चेतावनी देता है। उन्होंने पीएम के यूपी दौरे के दौरान लखीमपुर खीरी की घटना पर चुप्पी की भी निंदा की है।
तजिंदर विर्क पर मुकदमा दर्ज करना गलत
एसकेएम ने किसान नेता तजिंदर सिंह विर्क के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की निंदा की। उनका कहना था था कि लखीमपुर खीरी में उन पर हमला हुआ था और उन्हें निशाना बनाकर घायल किया गया था। एसकेएम की मांग है कि उन पर दर्ज किया गया मुकदमा तुरंत वापस लिया जाए। घटनास्थल के वीडियो में स्पष्ट है कि तजिंदर विर्क पर थार वाहन ने पीछे से हमला किया था, जब वह शांति से सड़क पर चल रहे थे। बाद में वह बेहोश अवस्था में सड़क पर पड़े थे और अन्य किसान उनकी मदद के लिए भाग रहे थे। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करना गलत है।
मनोहर लाल के इस्तीफा देने या हटाए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा
संयुक्त किसान मोर्चा नेताओं ने दोहराया कि सीएम मनोहर लाल के खिलाफ उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता या वह इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने गलत बयान देकर टकराव की स्थिति बनाने का प्रयास किया है। यह स्वीकार नहीं किया जाएगा।