प्रदेश का नाम विश्वस्तर पर ऊंचा करने वाले रेसलर सितेंद्र डागर का रविवार को अपने गांव पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और नोटों के हार के साथ स्वागत किया गया। दिल्ली में आयोजित डब्ल्यूडब्ल्यूई की रेसलिंग जीतने के बाद वे पहली बार गांव पहुंचे थे। गौरतलब है कि सितेंद्र ने वर्ल्ड रेसलिंग इंटरटेनमेंट के बैनर तले दो फाइट लड़ी थी और दोनों में जीत हासिल की है। उसका डब्ल्यूडब्ल्यूई के साथ 3 साल का अनुबंध हुआ है।
रविवार को जब सितेंद्र अपने गांव बाघडू़ पहुंचे तो पिता वेदपाल की अगुवाई में ग्रामीणों ने अपने लाडले का स्वागत फूलमालाओं से किया। घर पहुंचने पर सितेंद्र ने सबसे पहले अपनी मां कृष्णा का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उसने अपनी जीत का सेहरा परिवार के सिर बांधा। उसने कहा कि परिवार का ही साथ था, जिसके कारण वह आज इस मुकाम पर पहुंचा है। स्वागत कार्यक्रम में सितेंद्र के परिजन सुधीर, सोमवीर, प्रदीप, दिलबाग, सुमित, महिपाल, अजीत, जगबीर, सतबीर, प्रवीण, नरेश उपस्थित रहे।
पहले दिन 8 तो दूसरे दिन 15 मिनट की फाइट
सितेंद्र ने अमर उजाला के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि 15 जनवरी को डब्ल्यूडब्ल्यूई की डेब्यू फाइट खेली थी। इस दिन उसने चेड गेबल को हराया था। यह फाइट कुल 8 मिनट की थी। वहीं 16 जनवरी को उसने टैग टीम की फाइट की थी। इस दौरान जैसन-जोर्डन को हराया। यह फाइट 15 मिनट की तक चली थी।
आज रवाना होना है अमेरिका के लिए
सितेंद्र ने बताया कि उसका डब्ल्यूडब्ल्यूई के साथ 3 साल का अनुबंध है। पहले तो वह अमेरिका जाकर ट्रेनिंग ले चुका है। अब प्रोफेशनल तौर पर रेसलिंग में शरीक होगा। इसके लिए उसे मंगलवार को ही अमेरिका के लिए रवाना होना है। सितेंद्र की उपलब्धि पर उसके पिता और माता के अलावा ग्रामीणों ने भी खुशी जताई।