सोनीपत। नागरिक अस्पताल में ऐसे मरीज भी पहुंच रहे हैं जिनमें आयोडीन की कमी है। इससे लोगों में थायराइड व अन्य बीमारियों के लक्षण मिल रहे हैं। चिकित्सक लोगों को दाल व सब्जी पकने के बाद आयोडीन नमक का इस्तेमाल करने की सलाह दे हैं। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों की तरफ से घर-घर जाकर साल्ट टेस्टिंग किट के जरिए नमक की जांच की जा रही है। आयोडीन की कमी से शरीर में हार्मोन में बदलाव होने लगता है। इससे कई तरह की समस्या पैदा हो जाती है।
21 अक्तूबर को विश्व आयोडीन अल्पता दिवस मनाया जाता है। वर्तमान में लोग आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिर भी लोगों में आयोडीन की कमी देखने को मिल रही है। इसके कारण बच्चों का मानसिक विकास बाधित हो सकता है। आयोडीन की कमी के कारण सीखने की क्षमता कम हो जाती है और बच्चा मंद बुद्धि का शिकार हो जाता है। इसके अलावा ट्राईआयोडिनथायरोक्सिन, थायरोक्सीन और टीएचएस हार्मोन में बदलाव होने से थॉयराइड के बढ़ने और घटने की समस्या हो जाती है। इसकी वजह से मरीजों में वजन बढ़ना, थकान होना, कब्ज होना जैसी कई दिक्कतें आ रही है।
आयोडीन की कमी के लक्षण
थायराइड ग्रंथि का बढ़ जाना, लेटते समय दम घुटना, थकान महसूस होना, रूखी त्वचा और बालों का गिरना, याददाश्त कमजोर होना
इन चीजों का करें सेवन
मेवों का सेवन शरीर के लिए लाभदायक, मीट, मछली व अंडे का प्रयोग करें, दूध, दही का सेवन करें, भुने हुए चावल का प्रयोग करें।
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हार्मोंस के संतुलन को बनाए रखने में आयोडीन अहम भूमिका निभाता है। ओपीडी में प्रतिवर्ष 150 से ज्यादा लोग ऐसे पहुंचते हैं जिनमें आयोडीन की कमी होती है। इससे बचाव के लिए लोगों को काला व सेंधा नमक के बजाय आयोडीन नमक का इस्तेमाल करना चाहिए। -डॉ. शैलेंद्र राणा, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल।
-आयोडीन की कमी को दूर करने के बाद दाल व सब्जी पकने के बाद नमक डालें। इसके बाद सब्जी व दाल को कुछ समय के लिए पकाकर रख दें। विभाग की ओर से साल्ट टेस्टिंग किट के जरिए नमक में आयोडीन की जांच की जाती है।-डॉ. नीरज यादव, उप सिविल सर्जन।