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सोनीपत में अब पेट्रोलिंग और नाकों पर हथियार लेकर ड्यूटी करेगी पुलिस, एसओपी स्थापित की जाएगी

Thu, 02 Jul 2020 12:07 PM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला, सोनीपत
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एसपी जश्नदीप रंधावा - फोटो : Sonipat
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बुटाना में जिस तरह से केवल डंडा लेकर गश्त कर रहे सिपाही रविंद्र व एसपीओ कप्तान की हत्या की गई है। अगर गश्त में इनके पास हथियार होता तो शायद ही आरोपी उनपर हमला करने की हिम्मत दिखाते और इस तरह से उनकी हत्या नहीं होती। सिपाही व एसपीओ की हत्या के बाद पुलिस अफसर हरकत में आए हैं।
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पेट्रोलिंग टीम में शामिल पुलिस कर्मियों के साथ ही नाकों पर तैनात व गश्त करने वाले कर्मी हथियार रखेंगे। इसके साथ ही एसओपी स्थापित कराने की तैयारी हो गई है, जिससे अपराधियों से हर परिस्थिति में निपटने के तरीके पुलिस कर्मियों को बताए जाएंगे। इससे बुटाना की तरह होने वाली घटनाओं की पुनरावृत्ति शायद ही होगी।

पुलिस कर्मी रात में 11 बजे से तड़के 4 बजे तक गश्त करते हैं, लेकिन पुलिस कर्मी केवल डंडे के सहारे ही गश्त करते हैं। ऐसे में रात को कोई अपराधी उनसे टकरा जाता है तो डंडे के सहारे अपराधियों से मुकाबला नहीं हो सकता है। इस तरह ही बुटाना चौकी के सिपाही रविंद्र व एसपीओ कप्तान रात में केवल एक डंडा लेकर गश्त कर रहे थे और उनको विभाग की तरफ से रात में गश्त के लिए कोई हथियार तक नहीं दिया गया था।
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यह माना जा रहा है कि पुलिस कर्मियों के पास कोई हथियार नहीं था और इस कारण ही आरोपी उनसे भिड़ गए। अगर उनके पास डंडे की जगह कोई हथियार होता तो शायद ही आरोपी उनसे भिड़ने की हिम्मत दिखा पाते। इसको देखते हुए ही एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा का कहना है कि पेट्रोलिंग टीम में शामिल पुलिस कर्मियों के अलावा नाकों पर तैनात व गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों को हथियार दिए जाएंगे। उनको ड्यूटी को देखते हुए रिवाल्वर, पिस्टल व रायफल दी जाएगी, जिससे जरूरत पड़ने पर पुलिस कर्मी उसका इस्तेमाल कर सकें।

एसपी का कहना है कि अब एसओपी भी स्थापित की जाएगी, जिसका नेतृत्व एएसपी उदय सिंह मीणा को सौंपा जाएगा। इस एसओपी के सहारे पुलिस कर्मियों को अपराधियों से हर परिस्थिति में निपटने का तरीका बताया जाएगा, जिससे वह खुद सुरक्षित रह सके और अपराधियों को पकड़ सके। एसपी के अनुसार यह एसओपी जिले के बाद प्रदेश में स्थापित की जा सकती है। इस तरह घटना के बाद पुलिस को पूरी तरह से बेहतर करने पर काम होगा।
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