गांव बनवासा में माता-पिता ने कमरे में बंद कर चाकू और दाव से करीब छह वार किए। घायल युवक को पहले सामान्य अस्पताल गोहाना और बाद में पीजीआई रोहतक ले जाया गया। पीजीआई में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि बेटा अक्सर शराब पीकर मां-बाप से झगड़ा करता था। जिसके चलते वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान माता-पिता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव बनवासा निवासी अविवाहित पवन (30) अपने पिता रणधीर व मां किताबो के साथ रहता था। पवन का बड़ा भाई प्रवीण अपनी पत्नी व बच्चों के साथ छह साल से उनसे अलग रह रहा है। दोनों के मकान एक-दूसरे से सटे हैं। आरोप है कि रविवार सुबह रणधीर व किताबो ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर पवन पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया।
शोर सुनकर प्रवीण अपने भाई पवन के घर जाने लगा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। प्रवीण ने आवाज भी दी, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। जिस पर वह अपने घर की छत से पवन के घर के अंदर गया तो पवन अंदर लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। रणधीर व किताबो के हाथ में तेजधार हथियार थे। उन्होंने बड़े बेटे से कहा कि जो करना था वह कर दिया। पवन के हाथों व सीने पर वार किए गए थे। प्रवीण अपने भाई पवन को उठा कर गोहाना के सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां से उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। वहां पर उपचार के दौरान पवन की मौत हो गई। वारदात के बाद से रणधीर व किताबो फरार है।
पवन की तेजधार हथियार से हमला कर हत्या की गई है। उसके भाई प्रवीण के बयान पर उनके माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि पवन व उसके माता-पिता में कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरा खुलासा हो सकेगा।
बदन सिंह, थाना प्रभारी बरोदा।