गांव फरमाणा का मकान जिसकी छत गिरने से दंपती की मौत हो गयी।
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खरखौदा । गांव फरमाणा में शनिवार देर रात को दो मंजिला मकान गिरने से निचले हिस्से में सो रहे आरएमपी डॉक्टर व उनकी पत्नी की मलबे में दबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल सोनीपत भिजवा दिया है।
रोहतक के गांव बलियाना निवासी डॉ. रघुवीर (60) आरएमपी थे और गांव रिढाऊ में क्लीनिक चलाते थे। पहले वह रोजाना बलियाणा से रिढाऊ आते थे। लेकिन लॉकडाउन में जब लोगों को घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी तो उन्होंने अपने परिचित गांव फरमाणा निवासी पवन से संपर्क किया और उनके खाली पड़े मकान में पत्नी कृष्णा (58) के साथ आकर रहने लगे। पवन फि़लहाल अपने परिवार के साथ रोहतक में रहते है। लेकिन लॉकडाउन हटने के बाद भी डॉक्टर रघुवीर इसी मकान में रह रहे थे। शनिवार को वह अपनी पत्नी कृष्णा के साथ मकान में सो रहे थे। देर रात मकान का ऊपर का हिस्सा भरभरा कर ढह गया। चौबारा गिरने के चलते नीचे के कमरे की छत भी ढह गई। जिसके नीचे डॉक्टर व उसकी पत्नी दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मकान की तरफ दौड़े और मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और काफी देर की मशक्कत के बाद दंपती को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सोनीपत भिजवा दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
डाट की बनी थी चौबारे की छत
बताया गया है कि मकान में चौबारे की छत डाट (ईंट में ईंट फंसाकर) बनाई गई थी। अंदेशा है कि डाट की छत रात को अचानक गिर गई। जिससे नीचे कमरे की छत भी टूट गई और अंदर सो रहे दंपती की मलबे में दबकर मौत हो गई।