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सोनीपत की निर्भया को मिला इंसाफ : युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म व हत्या करने के दोषियों को दोषी करार

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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की अदालत ने युवती से सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के बहुचर्चित मामले में सुनवाई करते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। सोनीपत शहर से युवती का अपहरण करने के बाद उससे सामूहिक दुष्कर्म कर रोहतक में निर्मम हत्या कर दी गई थी। अदालत मामले में 6 दिसंबर को दोनों दोषियों को सजा सुनाएगी।
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पुलिस ने रोहतक की पार्श्वनाथ सिटी में एक युवती का शव बरामद किया था। उसकी शिनाख्त सोनीपत की 19 वर्षीय युवती के रूप में हुई थी। युवती घर से नौ मई, 2017 को फैक्टरी में जाने के निकली थी। युवती की मां ने कीर्ति नगर के सुमित पर उसकी बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि सुमित पहले भी उनकी बेटी को तंग करता था। उसकी बेटी के विरोध करने पर आरोपी ने उसे थप्पड़ तक मार दिया था। वह बेटी की इज्जत के चलते चुप थे। बेटी के लापता होने पर महिला ने उसके अपहरण का अंदेशा जता मुकदमा दर्ज कराया था। इसी बीच सोनीपत सीआईए की टीम ने कीर्ति नगर के सुमित को तमंचे सहित पकड़ा था। उसने पूछताछ में बताया था कि उसने कबीरपुर निवासी विकास यादव के साथ मिलकर सोनीपत से युवती का कार में अपहरण किया था। उसके बाद वह युवती को कार में लेकर रोहतक गए थे। रोहतक में उसे कोई नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। करीब आठ घंटे तक उसके साथ दरिंदगी हुई थी। बाद में पकड़े जाने के भय से रोहतक की पार्श्वनाथ सिटी में ले जाकर उसकी हत्या कर दी थी। साथ ही शव को खुर्द-बुर्द कर दिया था। उसके चेहरे को ईंटों से कुचल दिया था। युवती का शव रोहतक की अर्बन इस्टेट थाना पुलिस ने 11 नवंबर, 2017 को बरामद किया था। पुलिस ने मामले में सुमित के बाद आरोपी विकास यादव को भी गिरफ्तार कर लिया था। मामले में एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया था। यह मामला काफी तूल पकड़ा था। तत्कालीन पुलिस महानिदेशक बीएस संधु भी इस मामले में सोनीपत आए थे।
मामले में सुनवाई के बाद शुक्रवार को एएसजे आरपी गोयल की अदालत ने सुमित व विकास यादव को दोषी करार दिया है। दोनों दोषियों को 6 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी।
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शहर में निकाले गए थे कैंडल मार्च व जुलूस
सामूहिक दुष्कर्म व बेरहमी से हत्या किए जाने का मामला काफी तूल पकड़ा था। जिसके बाद में लोगों ने कैंडल मार्च निकालने के साथ ही जुलूस भी निकाले थे। मामले में जल्द न्याय की मांग की गई थी। अब मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया गया है।
न्याय की हुई जीत
युवती के अधिवक्ता मोमिन मलिक ने बताया कि अदालत ने दोनों दोषियों को भादंसं की धारा 365, 376, 376 डी, 302, 328 व 34 में दोषी करार दिया है। युवती के साथ हुई दरिंदगी के दोनों दोषियों को दोषी करार दिया है। मामले में एक आरोपी एससी एसटी एक्ट में दोषी करार दिया गया है। मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।
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