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बिना अनुमति प्राइवेट स्कूलों ने बढ़ाई फीस, होगी एफआईआर

Thu, 30 Mar 2017 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
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शिक्षा विभाग की सख्ती के बावजूद निजी स्कूलों की मनमानी जारी है, जो अभिभावकों पर भारी पड़ रही है। इसकी वजह बच्चे का अगली कक्षा में जाते ही हर माह का 200-800 रुपये तक का भार बढ़ जाना है। जिले के अधिकतर स्कूलों ने बिना अनुमति के 200-800 तक फीस को बढ़ा दिया है। अब ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। यदि किसी स्कूल के फीस बढ़ाने की शिकायत अभिभावक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास करते हैं तो उसकी जांच कराकर स्कूल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह सख्त आदेश डीईओ की ओर से जारी किए गए हैं, क्योंकि फॉर्म 6 भरने वाले स्कूलों के लिए अभी तक सरकार की ओर से फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं मिली है। स्कूल अनुमति मिलने के बाद ही फीस बढ़ा सकते हैं। वहीं बहुत से ऐसे स्कूल हैं, जिन्होंने फॉर्म 6 नहीं भरा है और फिर भी फीस बढ़ा दी है।
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फीस बढ़ाने के लिए फॉर्म 6 भरना अनिवार्य
स्कूल संचालकों को अगर अपने यहां फीस बढ़ानी होती है तो उसके लिए नया सत्र शुरू होने से पहले ही फॉर्म नंबर 6 भरना पड़ता है। उस फॉर्म में यह सब बताना पड़ता है कि वह किस कक्षा के बच्चे से कितनी फीस वसूल रहे हैं और उससे उनको कितना नुकसान हो रहा है। स्कूल संचालकों को अपने स्कूल की आय व व्यय का ब्यौरा भी उस फॉर्म में देना होता है, जिससे शिक्षा विभाग से उनको फीस बढ़ाने की अनुमति मिल सके। वह फीस भी शिक्षा विभाग के अधिकारी ही तय करते हैं कि उसे कितना बढ़ाया जाना चाहिए।
जिले में इस समय कक्षा एक से 12वीं तक 250 से अधिक प्राइवेट स्कूल चल रहे हैं, जिनमें से 179 स्कूलों ने फीस बढ़ा दी है। जबकि जिले के 123 स्कूलों ने फीस बढ़ाने के लिए फॉर्म 6 भरा ही नहीं था, लेकिन इनमें से भी काफी स्कूलों ने फीस को बढ़ा दिया है। ऐसे सभी स्कूलों पर शिक्षा विभाग की ओर से शिकंजा कसने की तैयारी कर दी गई है क्योंकि शिक्षा विभाग ने किसी भी स्कूल को अभी तक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं दी है और उसके बावजूद स्कूलों ने नए एडमिशन शुरू होते ही ज्यादा फीस वसूलनी शुरू कर दी है। इस कारण ही डीईओ की ओर से आदेश जारी किए गए हैं कि अगर कोई स्कूल पिछले साल के मुकाबले ज्यादा फीस वसूल रहा है तो उसकी शिकायत अभिभावक सीधे उनसे कर सकते हैं। उस स्कूल की जांच कराकर शिकायत सही मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के इस आदेश से प्राइवेट स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
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200 से 800 रुपये तक बढ़ा दी फीस
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का इस बात से पता चलता है कि कई स्कूलों ने फीस में बढ़ोतरी को इतना ज्यादा कर दिया है कि अभिभावकों के लिए वह देना मुमकिन नहीं है। प्राइवेट स्कूलों की फीस के बारे में जब अमर उजाला की ओर से जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि सेक्टर के एक स्कूल ने 800 रुपये तक फीस को बढ़ा दिया है। वहीं, जिले के कई स्कूलों ने 200 रुपये प्रति माह फीस को बढ़ाया है। इस तरह अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह फीस में बढ़ोतरी करके प्राइवेट स्कूलों ने अभिभावकों की जेब को ढीला करना शुरू कर दिया है।
कोई भी स्कूल फॉर्म 6 भरे बिना फीस नहीं बढ़ा सकता है। जिसने फॉर्म 6 भरा हुआ है, उनको भी अभी तक सरकार की ओर से फीस बढ़ाने के लिए कोई अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद किसी ने फीस को बढ़ाया है तो अभिभावक शिकायत कर सकते हैं, जिससे उसकी जांच कराई जा सके और वह शिकायत सही मिलती है तो उस पर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
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-जिले सिंह शर्मा, डीईओ
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