अपने खाते से निकाली गई रकम के कागजात दिखाते हुए।
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गांव नूरनखेड़ा के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के बैंक खाते के एटीएम की सहायता से अपने पेटीएम पर पैसे ट्रांसफर किए। खाते से 12 हजार रुपये कट गए, लेकिन पेटीएम में पैसे ही नहीं आए। व्यक्ति ने दो ट्रांजेक्शन की, जिनके नंबर भी उसके पास हैं। पीड़ित ने बैंक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। पीड़ित ने अब शहर थाना में शिकायत देकर मामले की जांच करने की मांग की।
गांव नूरनखेड़ा निवासी संदीप अपने परिवार के साथ शहर के आदर्श नगर में रहता है। वह बागवानी विभाग में फील्डमैन के पद पर कार्यरत है। संदीप का कहना है कि उसकी पत्नी बबली देवी का गोहाना के सिंडिकेट बैंक में खाता है। वह 25 दिसंबर, 2016 को अपनी पत्नी के एटीएम की सहायता से अपने पेटीएम पर पैसे ट्रांसफर कर रहा था। संदीप दो बार छह-छह हजार रुपये की ट्रांजेक्शन की। दोनों बार उसे ट्रांजेक्शन नंबर मिला, लेकिन पेटीएम में 12 हजार रुपये नहीं आए और बैंक खाते से यह रकम कम हो गई। संदीप ने पेटीएम के हेल्प लाइन नंबर पर कई बार कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
खुद करता है कैशलेस के लिए जागरूक, अब कहां जाए पता नहीं
वह बैंक पहुंचा, लेकिन वहां अधिकारियों ने उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बैंक अधिकारियों ने कहा कि आपने एटीएम कार्ड का प्रयोग किया है और हम इस बारे में कोई सहायता नहीं कर सकते हैं। संदीप एसडीएम कार्यालय में भी पहुंचा, लेकिन वहां पेटीएम संबंधी जानकारी देने वाला कर्मचारी नहीं मिला। संदीप ने कहा कि वह स्वयं सरकार की कैशलेस नीति और पेटीएम के बारे में लोगों को जागरूक कर रहा है, लेकिन अब उसे ही समझ नहीं आ रहा है कि उसकी पत्नी के खाते से कटे पैसे कैसे वापस मिलेंगे। संदीप ने शहर थाना में शिकायत देकर पुलिस से मामले की जांच करने की मांग की।