दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर होने वाली ट्रैक्टर परेड के लिए अकेले कुंडली बॉर्डर पर अभी तक एक लाख से ज्यादा किसान जमा हो गए हैं। वहां करीब 60 हजार किसान पहले से डेरा डाले हुए थे। इसके अलावा परेड के लिए अभी तक 40 हजार से ज्यादा किसान पहुंच चुके हैं। वहां एक ही दिन में करीब पांच हजार ट्रैक्टर लेकर किसान पहुंचे हैं और पंजाब व हरियाणा के किसानों की लाइन ही नहीं टूट रही है।
इसके अलावा यूपी के किसान भी काफी संख्या में पहुंच रहे हैं जबकि अभी गणतंत्र दिवस के दो दिन बाकी है। किसान परेड में अलग-अलग थीम की 50 झांकियां रहेंगी, जिनको तैयार कर लिया गया है। उनसे किसानों की मेहनत व दुर्दशा के बारे में बताया जाएगा। वहीं किसानों को दिल्ली में परेड की अनुमति भले ही मिल गई हो, लेकिन उसके बावजूद दिल्ली बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर परेड को ऐतिहासिक बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को शामिल करने में किसान नेता जुटे हुए हैं। यही कारण है कि दिल्ली की सीमाओं पर परेड के लिए लगातार किसान पहुंच रहे हैं और कुंडली बॉर्डर पर एक लाख किसान जमा हो गए हैं। इस तरह वहां करीब 40 हजार से ज्याद किसान अभी तक केवल ट्रैक्टर परेड के लिए पहुंचे हैं और एक ही दिन में पांच हजार ट्रैक्टर लेकर किसान पहुंचने से वह भी करीब 20 हजार तक हो गए हैं।
वहीं गणतंत्र दिवस की तैयारियों को आखिरी रूप दिया जा रहा है और यह तय किया गया है कि परेड में 50 तरह की झांकी होंगी। वह झांकियां अलग-अलग थीम पर होंगी और उन सभी का रंग भी अलग होगा। उनसे ही बताया जाएगा कि किसान किस तरह से खेतों में मेहनत करता है और उसके बाद भी किसान की क्या दुर्दशा है। यह झांकियां भी अलग-अलग प्रदेश के किसानों ने तैयार की है, जिससे एकजुटता का संदेश भी दिया जा सके।
किसान नेताओं का कहना है कि यह ट्रैक्टर परेड ऐतिहासिक होगी और हर कोई इसे देखने के लिए अपने घर से बाहर निकलेगा। जिससे आम लोगों को पता चलेगा कि किस तरह से किसान परेशान हैं और वह अपने हक के लिए लड़ाई कर रहा है। किसान नेताओं के अनुसार ट्रैक्टरों के टैंक भी डीजल से भरवाकर खड़े किए गए हैं। जिससे अगले निर्देश मिलने के अनुसार ही ट्रैक्टर को लेकर आगे बढ़ सकें।
बैल चलाते किसान और सरकार के साथ चल रही लड़ाई पर बनाई झांकी
किसानों ने अपनी परेड को राजपथ पर निकलने वाली परेड की तरह दिखाने की पूरी तैयारी की हुई है। जिन 50 झांकियों को शामिल किया जाएगा, वह अलग-अलग राज्यों की होंगी तो उनको प्रशिक्षित कलाकारों की मदद से तैयार किया गया है। यह झांकियां ट्रालियों में रहेंगी और उनके साथ उसकी राज्य के किसान मौजूद रहेंगे। उसकी थीम इस तरह से रखी गई है कि किसी में बैलों से किसान खेत की जुताई करते दिख रहे हैं। किसी में सरकार के साथ चल रही किसानों की इस लड़ाई को दिखाया गया है। कृषि कानूनों के नुकसान पर भी झांकी निकाली जाएंगी।
दिल्ली में बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात
किसानों की ट्रैक्टर परेड को दिल्ली में निकालने के लिए भले ही अनुमति मिल गई हो, लेकिन परेड को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। दिल्ली में बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अर्धसैनिक बल के जवान भी तैनात किए गए हैं। हालांकि दिल्ली में पहले ही गणतंत्र दिवस पर पुख्ता सुरक्षा होती थी, लेकिन इस बार सुरक्षा को बढ़ाया गया है और इसका सबसे बड़ा कारण किसान आंदोलन है। पुलिस ने किसी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए आंसू गैस छोड़ने के लिए वाहन व वाटर कैनन वाहन भी खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली, हरियाणा व यूपी के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में परेड निकालने की सहमति बनी है। यह आश्वासन दिया गया है कि किसान खुद ही परेड में व्यवस्था बनाकर रखेंगे। इसके लिए करीब पांच हजार वालंटियर लगाए गए हैं और उनको व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसान नेता खुद भी इस पर पूरी नजर रखेंगे, क्योंकि यह परेड ऐतिहासिक होगी और इसमें लाखों किसान हिस्सा लेगा। इसमें पुलिस ने सहयोग करने की बात कही है।
-योगेंद्र यादव, सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा।